दौसा. नई शिक्षा नीति देश की आवश्यकताओं के अनुसार बनी है। यह विचारों का संकलन है और कौशल के विकास पर बल देती है। यह बात केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत ने रविवार को दौसा में विद्या भारती पूर्व छात्र परिषद की ओर से आयोजित लक्ष्य स्मृति महोत्सव में कही।
इस मौके पर शेखावत ने कहा कि आजादी के बाद देश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई तरह की बातें होती रही हैं। सरकारों ने अपनी नीतियों के अनुसार शिक्षा व्यवस्था चलाई। अब 30 साल के बाद देश और धरती की जरूरत के अनुसार शिक्षा नीति का निर्माण नरेन्द्र मोदी सरकार ने किया। नई शिक्षा नीति हमारी अपनी है। गुलामी की मानसिकता से बाहर मुक्ति की शक्ति है। भाषाओं के बंधन से आगे बढ़कर नीति लागू की है। पहले गणना और स्मरण करने की क्षमता को बढ़ाने पर ही ध्यान दिया गया था। उन्होंने कहा कि देश ने 75 वर्ष में प्रगति की है, लेकिन देश की जरूरत के अनुसार विकास नहीं कर पाए। अब आकलन करने की आवश्यकता है। संस्कारमयी शिक्षा से प्रगति मिल रही है। केन्द्रीय मंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि कहीं भी पढ़ो, नौकरी करो या स्वरोजगार करो, लेकिन मन में देश को आगे बढ़ाने व भारत का सम्मान बढ़ाने का भाव प्रधान रहना चाहिए। हमारा लक्ष्य सिर्फ मातृभूमि की सेवा होना चाहिए।
समारोह में राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीना ने कहा कि मैकाले की शिक्षा ने देश को बर्बाद कर दिया। संस्कृति को मजबूत करने के लिए विद्या भारती काम कर रही है। राष्ट्र सर्वोपरि व व्यक्ति गौण होना चाहिए। डॉ. मीना ने आचरण उच्च नैतिक रखकर दीन-गरीब की सेवा करने तथा शिक्षित होकर समाज के निर्माण में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
विद्या भारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री शिवप्रसाद ने पूर्व छात्रों से कहा कि देश को विश्व में गौरवपूर्ण स्थान दिलाने का लक्ष्य, सुसंस्कृत बनाने, जीवन में दिन दुखी के लिए काम करने, समरसता स्थापित करने की दिशा में काम करें। उन्होंने कहा कि ऐसी शिक्षा किस काम की जो स्वकेंद्रित बनाती है। अपने दायरे को बड़ा करो और शिक्षा के माध्यम से विराट जीवन बनाओ। साथ ही कार्यक्रम से एक संकल्प लेकर जाने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेंद्र ने कहा कि वर्तमान में संघ की संपूर्ण देश में ही नहीं विदेशों तक स्वीकार्यता बढ़ी है। सऊदी अरब से लेकर लंदन तक भगवा लहराता है। विदेशों में 500 से अधिक शाखा हैं। ब्रिटेन में सनातनवंशी राज कर रहा है। अनेक देशों में 250 से अधिक लोग कीर्तिमान लहरा रहे हैं। उन्होंने स्वावलंबन व स्वरोजगार के लिए युवाओं को प्रेरित किया।
इससे पूर्व कार्यक्रम की प्रस्तावना पूर्व छात्र परिषद के प्रांत संयोजक मनोज राघव ने रखी। मंच पर डॉ. सोहनलाल विभाग संघचालक, क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री विद्या भारती गोविंद, क्षेत्रीय सह मंत्री प्रेम सिंह, विभाग प्रचारक मुकेश, क्षेत्रीय संयोजक पूर्व छात्र परिषद शरद, रमेश शर्मा, रामावतार शास्त्री, भगवान सहाय, महावीर, बाबूलाल शर्मा, विजय गोयल, शैलेन्द्र शर्मा, केशरसिंह नरूका, डॉ शंकरलाल शर्मा, राममनोहर, राजेंद्र कुमार सोनी, बाबूलाल शर्मा, राजबहादुर, डॉ बलवीर सिंह, गोपाल शर्मा, मोहनलाल बंसल, चौथमल मीणा, कमला शर्मा, पूर्व विधायक शंकरलाल शर्मा, कैलाश गोठड़ा, डॉ. ओपी गुप्ता आदि थे।
सालों बाद मिले, स्मृतियों को किया ताजा
लक्ष्य स्मृति महोत्सव में जिले के 55 आदर्श विद्या मंदिरों के हजारों पुरातन छात्र एकत्र हुए। सालों बाद पुराने साथियों से मिलकर लोगों ने अपनी स्मृतियों को ताजा किया। किसी ने ग्रुप फोटो ली तो किसी ने एक-दूसरे के कारोबार व हालचाल जाने। आयोजकों ने पुराने गुरुजनों को भी सम्मान किया। पुरातन छात्र भी गुरुजनों से मिलकर भावुक हो गए। गरिमामय समारोह के लिए भव्य पाण्डाल में कारपेट बिछाकर सजावट की गई। कार्यक्रम में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का तिलक लगाकर व दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। जिलेभर से आए संभागियों के लिए नाश्ता व भोजन की भी व्यवस्था की गई। इस दौरान रक्तदान शिविर में भी दर्जनों युवाओं ने रक्त दिया। छात्राओं ने देशभक्ति पूर्ण आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।
ईआरसीपी से जुड़े सवाल टाल गए मंत्री
पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) इलाके में अहम मुद्दा है। केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री के दौसा आने पर लोगों को उम्मीद थी कि ईआरसीपी को लेकर बात आगे बढ़ेगी, लेकिन मंत्री ने समारोह से लेकर पत्रकारों से बातचीत में कुछ नहीं कराया। ईआरसीपी से जुड़े सवालों को मंत्री यह कहकर टाल गए कि इस कार्यक्रम में राजनीतिक बात उचित नहीं है।
