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पुलिस कांस्टेबल की सक्रियता से नाकाम हुई ऑनलाइन ठगी की वारदात

- 36 घंटे में ही पीडि़त के खाते में लौटी रकम

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 पुलिस कांस्टेबल की सक्रियता से नाकाम हुई ऑनलाइन ठगी की वारदात

कांस्टेबल लक्ष्मीकांत

- एसपी ने भी की कांस्टेबल को पुरस्कार देने की घोषणा
दौसा . कोरोना संक्रमण के हमले झेल रही लालसोट थाना पुलिस को विषम परिस्थितियों में बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। एक कांस्टेबल की सक्रियता के चलते साइबर ठगों द्वारा शहर की कृष्णा कॉलोनी निवासी एक युवक के साथ की गई हजारों रुपए की ठगी की वारदात को नाकाम कर दिया है और पीडि़त के खाते से गए रकम मात्र 36 घंटों के दौरान खातें में रिफंड हो कर लौट गई है।
एसपी ने भी उक्त कांस्टेबल को पुरस्कार देने की घोषणा की हैै। लालसोट थाना प्रभारी राजवीर सिंह राठौड़ ने बताया कि 19 मई को मनमोहन सोनी पुत्र घनश्याम सोनी के मोबाइल पर अज्ञात व्यक्ति ने बैंक अधिकारी बनकर कोरोना काल में उसके क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर सहायता करने का झांसा देकर उसके खाते से 44 हजार 240 रुपए पार कर लिए। जैसे ही खाता धारक को खाते से राशि कटने की जानकारी प्राप्त हुई तो वह तत्काल थाने पहुंच शिकायत दर्ज कराई।
जहां कांस्टेबल लक्ष्मीकांत शर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्टांप बैंकिंग फ्रॉड नेशनल व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन पुष्पेंद्र यादव व मध्यप्रदेश की भोपाल पुलिस के माध्यम से उक्त वॉलेट कंपनी के नोडल ऑफिसर से संपर्क साधा और ठगी की गई राशि का भुगतान ठगों के खाते में भुगतान नही कराते हुए 21 मई को पीडि़त के खाते में इस राशि का रिफंड करवाया। इस पूरे प्रकरण में कांस्टेबल की सक्रियता काफी कारगर रही है।
थाना प्रभारी ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनीवाल ने भी कांस्टेबल की हौसला अफजाई के लिए पुरस्कार देने की घोषणा की है।

कोरोना को मात देकर लौटे है लक्ष्मीकांत
हजारों रुपए की ऑनलाइन ठगी की वारदात को नाकाम करने वाले कांस्टेबल गत दिनों ही कोरोना को मात देकर अपनी ड्यूटी पर लौटे है। उन्होंने बताया कि वे इस माह की शुरुआत में कोरोना संक्रमित पाए गए थे, जिसके बाद वे गत दिनों ही स्वस्थ्य होकर ड्यूटी पर लौटे हैं।