
बांदीकुई. राजस्थान पत्रिका एवं मधुर चाईल्ड हॉस्पीटल की ओर से रविवार को सिकंदरा रोड स्थित चाईल्ड हॉस्पीटल में नि:शुल्क चिकित्सा जांच परामर्श शिविर आयोजित हुआ। शिविर में बच्चों से लेकर बुजुर्गो ने बढ़चढक़र हिस्सा लेकर उपचार कराकर लाभान्वित हुए। शिविर का उदघाटन सुबह 11 बजे नगरपालिका चेयरमैन लक्ष्मी जायसवाल, पुलिस वृत्ताधिकारी नवाब खां एवं भागचंद टांकड़ा ने फीता काटकर किया।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा जांच परामर्श शिविर आयोजित किया जाना एक पुनीत कार्य है। इन शिविरों के जरिये जरुरतमंद एवं गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही चिकित्सा सुविधा मुहैया होती है। इससे क्षेत्र के लोग किराये-भाड़े के खर्च से बचते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में छोटी से बीमारी ही गंभीर रूप ले लेती है। इससे मनुष्य की जिंदगी भी जा सकती है। ऐसे में पहले स्वास्थ्य का ध्यान रखें। क्योंकि पहला सुख निरोगी काया है।
उन्होंने पत्रिका की ओर से सामाजिक सरोकार से जुडे कार्य किए जाने की सराहना करते हुए लोगों से भी ऐसे आयोजनों में बढ़चढक़र सहभागिदारी निभाए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि पत्रिका अमृत जलम, श्रमदान, नशा मुक्ति एवं जल संरक्षण जैसे अभियान चलाकर लोगों को जागरूक कर रही है। उन्होंने सामाजिक व धार्मिक संगठनों से भी रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात कही। इससे पहले दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की।
इस मौके पर पार्षद अभयशंकर विजय, गौतम सेठी, कुलदीप भौमिया, अवधेश यादव ने भी शिविर में बढ़चढक़र हिस्सा लिया। शिविर में 150 लोगों का पंजीयन हुआ। जहां एक-एक मरीज की जांच की गई और इसके बाद दवा मुहैया कराई गई। शिविर में गुढ़ाकटला, बसवा, सिकराय, सिकंदरा, आभानेरी, बिवाई, कोलवा, अरनिया, बडियाल कलां सहित काफी संख्या में गांवों से मरीजों ने पहुंच शिविर में जांच कराकर उपचार कराया। इस दौरान जयपुर से आए चिकित्सकों का स्थानीय लोगों ने माल्यार्पण कर अभिनंदन किया।
जांच कर की दवाएं वितरित
शिविर संयोजक राजेश धाकड़ ने बताया कि शिविर में जेके लॉन हास्पीटल जयपुर सहायक आचार्य शिशु शल्य चिकित्सा इकाई डॉ.आदित्यप्रतापसिंह एवं एसएमएस हास्पीटल सहायक आचार्य डॉ.सुनील कुमार ने जांच कर मरीजों उपचार किया और दवाएं वितरित की। डॉ.पीयुष बंसल ने बताया कि शिविर में बुखार, चिकनगुनिया, मलेरिया, वायरल, अस्थमा, एलर्जी, क्षयरोग, टायफाइड, खांसी, इंफेक्शन, गठिया, हाथ-पैर में दर्द, कमजोरी, डायबिटीज, थायराइड, खून की कमी, ब्लड प्रेशर, उदर रोग, जन्मजात होट का कटा होना, तालू का कटा होना, जन्माजत विकृति गर्दन की गांठ, मलद्वार न होना, जीभ का तालुआ से चिपकना, फेंफड़े में मवाद, आंतों में रुकावट, अपेंडिक्स, पित्त की थैली में पथरी, लीवर में मवाद, नाभि से खून व पानी आना, हर्निया एवं पाइल्स से जुड़ी जांच कर परामर्श दिया जाएगा
Updated on:
11 Mar 2018 09:09 pm
Published on:
11 Mar 2018 09:07 pm
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