दौसा. वेट कम करने की मांग को लेकर राजस्थान पेट्रोलियम एसोसिएशन के आह्वान पर जिले में लगातार दूसरे दिन गुरुवार को भी सुबह 10 से शाम 6 बजे तक पेट्रोल पंप बंद रहे। इससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं शाम को जैसे ही पंप खुले तो पेट्रोल-डीजल लेने के लिए वाहनों का तांता लग गया। शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी होने के कारण वाहन चालकों ने अपनी गाड़ी की टंकी पूरी करा ली।
दौसा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष लोकेश शर्मा ने बताया कि जिले के करीब 140 पेट्रोल पंप लगातार दो दिन में दिनभर 16 घंटे बंद रहने से करीब आठ करोड़ तक का कारोबार प्रभावित हुआ है। सरकार को भी राजस्व का नुकसान हुआ है। सरकार की ओर से कोई पहल नहीं करने के कारण शुक्रवार से अनिश्चितकाल के लिए पेट्रोल पंप बंद रखे जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि वेट दर अधिक होने के कारण राजस्थान में पेट्रोल-डीजल अन्य राज्यों के मुकाबले महंगा है। इसके कारण राज्य के अधिकतर पेट्रोल पंपों पर बिक्री में गिरावट आई है।
दौसा जिले से यूपी, हरियाणा नजदीक होने के कारण जिले के पंपों पर भी असर पड़ रहा है। वहीं इससे जनता पर भी महंगाई की मार पड़ती है। ऐसे में वेट दर अन्य राज्यों के समान करने की मांग को लेकर पेट्रोलियम एसोसिएशन आंदोलन कर रही है।
पंप बंद देखकर लौटते रहे
जिला मुख्यालय सहित जिलेभर में स्थित पेट्रोल पंपों पर दिनभर में कई वाहन चालक आए, लेकिन पेट्रोल-डीजल नहीं मिलने पर निराश लौटते दिखे। खासकर ग्रामीण अंचल के लोग इधर-उधर भटकते देखे गए। पंप संचालकों ने रस्सी बांधकर आवाजाही रोकी तथा कार्मिक को बैठाकर लोगों को हड़ताल से अवगत भी कराया।
एडवांस में भराया पेट्रोल
पेट्रोल पंपों की अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी को देखते हुए शहर में वाहन चालकों ने एडवांस में पेट्रोल भरवाने की होड़ लगी रही। खासकर बाइक सवारों ने 100-200 रुपए की जगह 400-500 रुपए तक पेट्रोल डलवाकर 4-5 दिन की व्यवस्था कर ली। वहीं स्वयं के चौपहिया वाहनों से आवागमन को लोग टाल रहे हैं।