थाना प्रभारी ने बताया कि कांस्टेबल धर्मराज ने साहस का परिचय देते हुए दोनों आरोपियों को पकडऩे में अहम भूमिका निभाई है। कांस्टेबल ने सतर्कता के साथ अपने ऊपर हो रही फायरिंग की परवाह किए बगैर दोनों का पीछा किया। जब दोनों आरोपी बाइक से भागने का प्रयास कर रहे थे तो कांस्टेबल ने उनका पीछा कर रोकने का प्रयास किया तथा आत्मसमर्पण करने के लिए कहा। इस दौरान उन्होंने दो बार जान से मारने की नियत से कांस्टेबल को निशाना बनाते हो उस पर देशी कट्टे से फायर किया। इस पर धर्मराज ने आत्मरक्षा के लिए पिस्टल से जमीन की तरफ पैरों को निशाना बनाते हुए 4 राउंड फायर किए और दौड़कर बाइक को नीचे गिरा दिया। इस पर चालक रिंकू नीचे गिर गया तथा उसे पकड़ लिया गया तथा प्रशांत खेतों की तरफ कट्टा लहराते हुए भागने लगा, इसको भी कांस्टेबल धर्मराज व भारत सिंह ने पीछा कर उसे बातों में उलझाकर पकड़ लिया।
दोनों आदतन अपराधी
थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी रिंकू पर सलेमपुर थाने में आम्र्स एक्ट, महुवा व बांदीकुई में बाइक चोरी, आबकारी अधिनियम सहित चोरी का सामान खरीदने के मामले दर्ज हैं। वहीं प्रशांत पर मंडावर थाने में नाबालिक का अपहरण कर उसकी हत्या करने, महुवा में चोरी का सामान खरीदने तथा ट्रांसपोर्ट नगर जयपुर में बाइक चोरी करने के मामले दर्ज हैं। उल्लेखनीय है कि प्रशांत ने दो वर्ष पूर्व ठेकड़ा निवासी रामभरोसी मीणा के तीन वर्षीय पुत्र अंशु की हत्या कर दी था। इसके आरोप में वह जेल में बंद था, हालांकि तब नाबालिग था। अब करीब दो माह पूर्व ही वह जेल से बाहर आया था।