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बैंक चोरी का 72 घंटे में पुलिस ने किया पर्दाफाश, ई मित्र संचालक व उसका साथी गिरफ्तार

Police busted bank theft in 72 hours, two criminal arrested: गत दिनों देवली बैंक से दस लाख से भरी तिजोरी की थी पार

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बैंक चोरी का 72 घंटे में पुलिस ने किया पर्दाफाश, ई मित्र संचालक व उसका साथी गिरफ्तार

बैंक चोरी का 72 घंटे में पुलिस ने किया पर्दाफाश, ई मित्र संचालक व उसका साथी गिरफ्तार

लालसोट. चार दिन पूर्व उपखण्ड के देवली गांव में आईसीआईसीआई बैंक की शाखा में सेंधमारी कर करीब 10 लाख रुपयों से भरी तिजोरी पार कर ले जाने की वारदात का लालसोट पुलिस ने 72 घंटे बाद ही पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में गांव के एक ई-मित्र संचालक व उसके साथी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों के पास से 9 लाख रुपए की नकदी के साथ एक बाइक व चोरी के औजार भी बरामद किए हैं।

Police busted bank theft in 72 hours, two criminal arrested

एसपी अनिल कुमार बेनीवाल ने बताया कि गत 25 अक्टूबर को देवली गांव में आईसीआईसीआई बैंक की शाखा में कार्यरत केशियर आनंदीलाल ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि वह 22 अक्टूबर को बैंक बंद करके गया था। 25 अक्टूबर को सुबह बैंक आ कर खोला तो बाथरुम का दरवाजा टूटा हुआ तथा आलमारी में रखी तिजोरी भी ले गए, जिसमे 9 लाख 95 हजार रुपए की नकदी थी। एसपी ने बताया कि वारदात के बाद गठित टीम को इस बात की जानकारी मिली की गांव मेंं ईमित्र की दुकान करने वाले चंद्रमोहन पांचाल उर्फ बिट्टू एवं धर्मेन्द्र पांचाल 23 अक्टूबर को बाइक पर शाम से रात तक इधर उधर घूम रहे थे।

पुलिस ने पहले चंद्रमोहन को पकड़ कर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने धर्मेन्द्र प्रजापत के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। बाद में पुलिस ने चंद्रमोहन को गिरफ्तार कर लिया और धर्मेन्द्र को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों के पास से 9 लाख रुपए बरामद कर लिए। इसके अलावा एक बाइक, प्लास, पेचकस, सरिया, हथौड़ा व कुल्हाड़ी को भी बरामद किया है।(नि.प्र)

Police busted bank theft in 72 hours, two criminal arrested

स्पेशल टीम की रही बड़ी भूमिका

इस पूरे मामले में गठित स्पेशल टीम की बड़ी अहम भूमिका रही है। प्रकरण सामने आने के बाद पुलिस इसे एक चुनौती के रुप में लेते हुए थाना प्रभारी अंकेश कुमार, सब इंस्पेक्टर दिनेश कुमार, कांस्टेबल अमर सिंह, लक्ष्मीकांत एवं बने सिंह की स्पेशल टीम एवं मंडावरी थाना प्रभारी रामपाल मीना आदि की सहयोगी टीम गठित करते हुए जांच शुरू की। इस दौरान पुलिस टीमों ने सादे वस्त्रों में अपनी पहचान छुपाकर तलाशी कार्य शुरू किया और गांव में डोर टू डोर सर्वे कर जानकारी जुटाई।

विदेश जाने की फिराक में था एक आरोपी

एसपी के अनुसार धर्मेंद्र प्रजापत जयपुर के एक निजी हॉस्पिटल में वार्ड ब्वॉय का काम करता है, जिसका संपर्क वहीं पर काम करने वाले एक उसके दोस्त के साथ हुआ। जो कनाड़ा में प्राइवेट कंपनी में काम करता है। जिसने उसे कनाडा में कंपनी ज्वाइन कर अच्छे पैसे कमाने की बात बताई, तभी से उसके दिमाग में कनाड़ा जाने की योजना थी। इसके लिए धर्मेंद्र ने दो बार पासपोर्ट वीजा के लिए अप्लाई भी किया था, लेकिन लॉकडाउन के कारण उसका पासपोर्ट नहीं बन पाया, अब उसने पासपोर्ट के लिए अप्लाई किया था, लेकिन किराया व खर्चे के लिए उसे पैसों की आवश्यकता थी, इसी कारण उसने अपनी आवश्यकता जब दोस्त चंद्रमोहन को बताई तो उसने बैंक में चोरी की बात सुझाई। इसके बाद दोनों वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार हो गए।

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जमा कराया गोल्ड लोन, खरीदा मोबाइल

एसपी के अनुसार चंद्रमोहन व धर्मेंद्र ने इस घटना को अंजाम देने के बाद आईसीआईसीआई बैंक की लालसोट शाखा में डेढ़ लाख रुपए का गोल्ड लोन चुकाया और 20 हजार रुपए का मोबाइल भी खरीदा। पुलिस ने दोनों के पास से चुराई गई रकम में से 7 लाख 39 हजार रुपए की नकदी बरामद की है।

पुलिस टीम को किया जाएगा पुरस्कृ़त

एसपी ने बताया कि लालसोट पुलिस को एक पखवाड़े में तीसरी बड़ी सफलता मिली है। इससे पूर्व गत 14 अक्टूबर को जमात से हुई पिकअप चोरी और 20 अक्टूबर को पांच लाख के कॉपर वायर चोरी का खुलासा किया था। उन्होंने बताया कि सराहनीय कार्य के लिए पुलिस टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।(नि.प्र)