एसपी के अनुसार धर्मेंद्र प्रजापत जयपुर के एक निजी हॉस्पिटल में वार्ड ब्वॉय का काम करता है, जिसका संपर्क वहीं पर काम करने वाले एक उसके दोस्त के साथ हुआ। जो कनाड़ा में प्राइवेट कंपनी में काम करता है। जिसने उसे कनाडा में कंपनी ज्वाइन कर अच्छे पैसे कमाने की बात बताई, तभी से उसके दिमाग में कनाड़ा जाने की योजना थी। इसके लिए धर्मेंद्र ने दो बार पासपोर्ट वीजा के लिए अप्लाई भी किया था, लेकिन लॉकडाउन के कारण उसका पासपोर्ट नहीं बन पाया, अब उसने पासपोर्ट के लिए अप्लाई किया था, लेकिन किराया व खर्चे के लिए उसे पैसों की आवश्यकता थी, इसी कारण उसने अपनी आवश्यकता जब दोस्त चंद्रमोहन को बताई तो उसने बैंक में चोरी की बात सुझाई। इसके बाद दोनों वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार हो गए।