दौसा. जिले में शनिवार रात रेकॉर्ड तोड़ भारी बरसात हुई। बीते कई सालों में अक्टूबर में इतनी बारिश नहीं हुई। यहां तक की दौसा जिले में तो गत मानूसन के सीजन में भी लगातार इतनी बारिश दर्ज नहीं की गई। पोस्ट मानसून की इस मूसलाधार बारिश ने सभी को हतप्रभ कर दिया।
गनीमत यह रही कि बारिश रात के समय होने से आम जनजीवन बाधित नहीं हुआ। सड़कें खाली होने से पानी बहकर निकल गया। किसी तरह की जनहानि भी नहीं हुई। हालांकि जिले के निचले इलाकों में बस्तियां जलमग्न हो गई। कई मकानों के हिस्से ढह गए तो तलघरों में पानी भर गया। पेड़ व बिजली के तार टूटन से घंटों तक बिजली भी गुल रही। जिले में सर्वाधिक 7.40 इंच (185 एमएम) बारिश दौसा तहसील में दर्ज की गई।
दौसा के गेटोलाव बांध में एक फीट से भी अधिक पानी की आवक होने से जलस्तर चार फीट से अधिक जा पहुंचा। इसी तरह मोरेल बांध 24.5, माधोसागर 11.8, सिंथोली 6.1 फीट तक भर गया। अन्य कई बांधों व तालाबों में भी पानी की अच्छी आवक हुई है।
मंडी रोड बनी दरिया
जिला मुख्यालय पर भारी बरसात से रात को सड़कें जलमग्न हो गई। खासकर मंडी रोड पर डेढ़ फीट के स्तर पर नदी की तरह पानी बहता रहा। वहीं सुंदरदास मार्ग, लालसोट रोड, सैंथल मोड़, पुराना शहर, पीजी कॉलेज के सामने, राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित कॉलोनियों में भी पानी भर गया। रात को आसमान से गर्जना के साथ करीब चार घंटे तक तीव्र वेग से पानी बरसा। लोगों ने बताया कि बीते कई सालों में ऐसी बरसात नहीं देखी।