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मार्च के पहले सप्ताह में दौड़ेगी दौसा से गंगापुर सिटी तक रेल

dausa news 92.70 किमी लंबी है परियोजनाअधिकारी दिन-रात जुटे है रेल संचालन की तैयारियों में : कुछ दिनों बाद दौसा से लालसोट के बीच होगा सीआरएस

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मार्च के पहले सप्ताह में दौड़ेगी दौसा से गंगापुर सिटी तक रेल

लालसोट का रेलवे स्टेशन।

लालसोट. दौसा-गंगापुर सिटी रेल परियोजना पर रेल संचालन को लेकर इन दिनों में उत्तर पश्चिमी रेलवे के अधिकारी दिन रात जुटे हुए हैं, अधिकारियों की सक्रियता को देखते हुए पूरी संभावना लग रही है कि आगामी मार्च माह के पहले सप्ताह में दौसा से गंगापुर सिटी तक रेल का नियमित संचालन शुरू हो जाएगा। शुक्रवार को गंगापुर से लालसोट तक रेलवे के मुख्य संरक्षा आयुक्त आरके शर्मा के निरीक्षण और लालसोट से गंगापुर तक फुल स्पीड से स्पीड ट्रायल के संपन्न होने के बाद अब रेलवे अधिकारी दौसा से लालसोट के बीच इसी माह के अंत तक सीआरएस कराने की तैयारियों में जुट गए हैं।
दौसा से डिडवाना तक सन 2017 में सीआरएस होने के बाद नियमित रेल संचालन नहीं होने के चलते दोबारा इस सेक्शन पर सीआरएस होगा। इसके अलावा डिडवाना से लालसोट के बीच सुरंंग का निर्माण कार्य भी पूरा हो चुका है, इसके चलते अब दौसा से लालसोट के बीच सीआरएस की सेफ्टी क्लिसरेंस मिलना बाकी है। दौसा से लालसोट के बीच सीआरएस की सेफ्टी क्लिसरेंस मिलते ही रेलवे पूरे ट्रैक पर नियमित गाडियों का संचालन भी शुरू कर देगा।
सूत्रों की माने तो रेलवे के आला अधिकारियों ने परियोजना से जुड़े अधिकारियों को सीएआरएस की संभावित डेेट के बारे में बताते हुुए सभी कार्यो को नियत समय से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। संभावना है कि मार्च माह के पहले सप्ताह के बाद लोकसभा चुनावों के लिए आचार संहिता लग सकती है। ऐेसे में रेलवे अधिकारी आचार संहिता लागू होने से पूर्व ही परियोजना की शुरुआत करना चाहते हैं।

रेलवे को हुआ है करोड़ों का नुकसान
दौसा-गंगापुर सिटी रेल परियोजना रेलवे के लिए कठिन चुनौती से कम नही रही है, लगातार देरी से परियोजना का बजट र्कई गुना बढ चुका है। परियोजना की शुरुआती अनुमानित लागत 210 करोड़ आंकी गई थी, जो कि बढकर 820 करोड़ तक जा पहुंची है। इसके अलावा भूमि अवाप्ति भी रेलवे के लिए बड़ा सिरदर्द रहा है।
कुछ जगहों पर तो रेलवे को भूमि पर कब्जा लेने के लिए कई साल भी गुजर गए। परियोजना पर डिडवाना से लालसोट के बीच बनी प्रदेश की सबसे बड़ी रेल सुरंग के कार्य को पूरा होने मेें 13 साल का लंबा समय लगा है। वर्ष 2014 में भारी बारिश के चलते सुरंग में पानी भर गया था, जिससे रेलवे को सुरंग सेे पानी व कीचड़ निकालने में कई माह तक मशक्कत करनी पड़ी थी। परियोजना के तहत बनाए गए रेलवे स्टेशन भी कई साल तक सूने पड़े रहे, जिससे वहां पड़ा लाखों रुपए का सामान भी चोर ले गए।

सभी स्टेशनों पर हुआ स्टाफ नियुक्त
दौसा-गंगापुर सिटी रेल परियोजना पर रेल संचालन को लेकर रेलवे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सभी रेलवे स्टेशनों पर स्टाफ की नियुक्ति कर दी है। रेलवे स्टेशनों पर अधीक्षक समेत तीन स्टेशन मास्टर व प्वाइंट््स मैन की नियुक्ति कर दी हैै औैर उक्त स्टाफ यहां पहुंच भी चुका है। इसके अलावा सभी रेलवे स्टेशनों पर ट्रेन संचालन के लिए कम्यूटरिकृत आधुुनिक सिस्टम भी शुरू हो गया है और टिकट ङ्क्षवडो के लिए भी जरूरी सामान पहुंच चुके हैं। इसके अलावा दिव्यांगजनों को प्लेटफार्म तक लाने के लिए कई सहायता सामग्री भी पहुंच चुकी है।