3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

25 दिनों बाद मलारना स्टेशन से होगी आंदोलन की शुरुआत, गुर्जर समाज की महापंचायत में हुई घोषणा

 कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने 25 दिनों बाद मलारना स्टेशन से रेल रोककर आंदोलन करने की घोषणा की।

2 min read
Google source verification

दौसा

image

kamlesh sharma

Mar 05, 2018

gujjar reservation

चौथ का बरवाड़ा। कस्बे में स्थित गुर्जर समाज की देव धर्मशाला में सोमवार को गुर्जर समाज की ओर से आरक्षण की मांग को लेकर महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत में आरक्षण संघर्ष समिति के मुखिया कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने 25 दिनों बाद मलारना स्टेशन से रेल रोककर आंदोलन करने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से इस बीच कोई कार्रवाई नहीं की गई तो सरकार को गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा। महापंचायत में युवाओं ने आंदोलन सात मार्च से शुरू होने वाली पुलिस भर्ती परीक्षा से पहले करने की बात कही, लेकिन फसल की कटाई को देखते हुए इसे पच्चीस दिन बाद करने पर सहमति बनी।

कस्बे में स्थित गुर्जर धर्मषाला में दोपहर करीब एक बजे से गुर्जर महापंचायत का अयोजन किया गया। इससे पहले समाज के युवा आंदोलन की तैयारी करने में जुटे रहे। कस्बे में आयोजित महापंचायत में कई जिलों के आए वक्ताओं ने आरक्षण में देरी होने पर मौजूदा सरकार को जिम्मेदार ठहराया तथा समाज के लोगों से आरक्षण की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन करने की बात कही।

इस दौरान बैंसला ने कहा कि सरकार द्वारा हमारा हक नहीं दिए जाने से एक बार फिर आंदोलन करना जरूरी हो गया है। उन्होंने आंदोलन में आर पार की लड़ाई लडऩे की बात कही। उन्होंने समाज के लोगों से आरक्षण को लेकर आंदोलन करने के लिए राय भी ली।

उन्होंने कहा कि सरकार इन पच्चीस दिनों के बीच कोई हल निकाले या फिर गुर्जरों को पटरियों पर आना पड़ेगा। इस दौरान महापंचायत में जिला परिषद सदस्य बत्तीलाल गुर्जर, कैप्टन हरिप्रसाद, बत्तीलाल गुर्जर श्यामोली हाकिम सिंह गुर्जर आदि ने संबोधित किया।

नहीं होगी अब कोई बात
बैंसला ने कहा कि इस महापंचायत के बाद अब कोई वार्ता नहीं होगी तथा सीधा आंदोलन होगा। आंदोलन का नेतृत्व बत्तीलाल करेंगे।

चप्पे चप्पे पर रहे सुरक्षा के इंतजाम
महांचायत को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। ऐसे में सुरक्षा को लेकर कई जिलों से जाप्ता बुलाया गया। कस्बे के चप्पे चप्पे पर पुलिस के जवानों की तैनाती की गई। वहीं सादा वर्दी में भी पुलिस के जवान तैनात रहे। दूसरी ओर रेलवे के कई अधिकारी दिनभर पूरे मामले पर नजर रखते रहे। कई जिलों से समाज विशेेष के अधिकारियों को यहां पर नियुक्त किया गया।

Story Loader