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तीन वर्ष से बीमार रामकिशन का नहीं बनाया सिलिकोसिस कार्ड

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तीन वर्ष से बीमार रामकिशन का नहीं बनाया सिलिकोसिस कार्ड

सिकंदरा. पत्थर नक्काशी कार्य करने वाले सिलिकोसिस बीमारी से पीडि़त श्रमिकों की दिन-ब-दिन संख्या बढ़ती जा रही है। वहीं सरकार बीमारी से पीडि़त श्रमिकों को समय पर मुआवजा देने को लेकर कितनी गंभीर है। सरकार के मातहत अधिकारी क्या वाकई में समय पर पीडि़तों को मुआवजा दे पा रहे है। या कहीं अधिकारियों की उदासीनता के चलते सरकार की योजनाओं को क्रियान्वयन में गृहण तो नहीं लग रहा। यह हम नहीं कह रहे बल्कि इसका जीता जागता उदाहरण है, राजवास गांव निवासी रामकिशन सैनी।

पत्थर नक्काशी कार्य करते हुए रामकिशन सिलिकोसिस बीमारी की चपेट में आ गया तथा पिछले तीन साल से वह सिलिकोसिस बीमारी के कारण मौत व जिदंगी से जूझ रहा है। पीडि़त परिवार बीमारी के मुआवजे के लिए कई बार श्रम विभाग कार्यालय के चक्कर लगा चुका है, लेकिन अधिकारी रामकिशन के प्रति संवेदना नहीं दिखा रहे हैं। पीडि़त परिवार बीमारी के उपचार पर प्रतिदिन एक से दो हजार रुपये खर्च कर रामकिशन की जिदंगी बचाने का प्रयास कर रहे है, लेकिन आर्थिक तंगहाली के चलते अब परिवार के लोगों का धर्य भी कमजोर होने लगा है।


जानकारी के अनुसार सिकराय के डोलिका पंचायत के राजवास गांव निवासी रामकिशन सैनी (45) करीब 20 वर्ष से पत्थर नक्काशी का कार्य करते हुए पिछले तीन साल से सिलिकोसिस बीमारी से पीडि़त है। परिवार के लोगों ने जयपुर, दिल्ली सहित कई बड़े शहरों में निजी खर्चें पर बीमारी का उपचार कराया, लेकिन आर्थिक हालात कमजोर होने के कारण अब घर पर उपचार करा रहे है।

पिछले छह माह से रामकिशन ऑक्सीजन सिलेण्डर से सांसे ले रहा है। रामकिशन के बेटे रामकेश ने बताया कि पिछले माह श्रम विभाग द्वारा आयोजित शिविर में भी रामकिशन बीमारी का प्रमाण पत्र बनाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन जांच के बाद भी अधिकारियों ने बीमारी का प्रमाण पत्र जारी नहीं किया। इससे रामकिशन को आज तक बीमारी का मुआवजा नहीं मिला है।


रामकिशन के बेटे ने बताया कि मेडिकल जांच में चिकित्सक सिलिकोसिस बीमारी होने की पुष्टि भी कर चुके है। इसके बाद सिलिकोसिस कार्ड नहीं बना रहे हंै। रामकिशन के परिवार में एक पुत्र एक पुत्री, पत्नी का कहंना है कि उपचार के लिए लाखों रुपये का कर्जा ले लिया। अब गांव में कर्जा भी नहीं मिल रहा है। आधा बीघा भूमि पानी के बिना बंजर पड़ी है।


शिविर में एक का बनाया कार्ड

जनवरी माह में भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिक कल्याण मंडल द्वारा सिकंदरा में सिलिकोसिस पीडि़तों के लिए विशेष शिविर लगाया था। इस दौरान श्रम आयुक्त नवीन जैन व जिला कलक्टर अविचल चतुर्वेदी ने शिविर में पहुंच कर अधिक से अधिक पीडि़तों लाभ देने के अधिकारियों को निर्देंश दिए थे। इस शिविर में 123 लोगों ने सिलिकोसिस बीमारी का कार्ड का आवेदन किया था।


इस दौरान अधिकारियों ने एक जने को सिलिकोसिस प्रमाण पत्र दिया तथा बाकि बचे सभी आवेदनों को जांच के बाद प्रमाण पत्र देने की बात कही। लेकिन कई पीडि़तों को अभी तक बीमारी का कार्ड नहीं बनाया। इनमें से एक रामकिशन
भी है।

शिविर में एक सिलिकोसिस कार्ड बना था। इसके बाद एक भी सिलिकोसिस कार्ड नहीं बना है। रामकिशन का जल्द कार्ड बनवाया जाएगा।
राकेश मीना,
श्रम निरीक्षक दौसा।