दौसा. जिले में खाकी को शर्मसार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया। बसवा थाना क्षेत्र में लोगों ने बलात्कार के आरोपी कांस्टेबल को मौके पर पकडकऱ चारपाई से बांधकर पिटाई कर दी। साथ ही पुलिस को बुलाकर आरोपी को सुपुर्द भी कर दिया, इसके बावजूद गंभीर लापरवाही के चलते आरोपी फरार है। अब आरोपी पुलिस की गिरफ्त से भाग छूटा या भगा दिया गया, यह जांच का विषय है। उच्च अधिकारियों के संज्ञान में गुरुवार को मामला सामने आने के बाद बसवा थाना प्रभारी रामनिवास मीना को निलम्बित किया गया। साथ ही सीओ ईश्वरसिंह ने बताया कि आरोपी कांस्टेबल महेश गुर्जर की भी सरगर्मी से तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई है, जो जगह-जगह दबिश दे रही है। साथ ही थाने के अन्य पुलिसकर्मियों की भी भूमिका की जांच की जा रही है।
पीडि़ता की प्राथमिकी के अनुसार 15 अगस्त को उसका पति व सास एक कार्यक्रम में गए हुए थे। वह घर पर अकेली सो रही थी। देर रात करीब 1:30 बजे एक व्यक्ति उसकी चारपाई के पास आया। नींद खुलने पर जब वह चिल्लाने लगी तो उसने मुंह बंद कर दिया और कहा कि वह राजस्थान पुलिस में काम करता है, शोर-शराबा किया तो गोली मार देगा। धमकी देकर आरोपी ने बलात्कार की वारदात को अंजाम दिया। पीडि़ता के रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हो गए और आरोपी को दबोचकर चारपाई पर बांध जमकर धुनाई कर दी। परिजनों के घर आने के बाद लोगों ने सिकंदरा थाना क्षेत्र की गीजगढ़ चौकी पर कांस्टेबल आरोपी महेश गुर्जर निवासी सोड़ाला बासड़ा को पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
फरार हुआ या छोड़ दिया गया?
पीडि़ता ने एफआईआर में बताया है कि आरोपी को बसवा थाना पुलिस के सुपुर्द किया गया और एक वायरल वीडियो में चारपाई से बंधे आरोपी की रस्सियां पुलिसकर्मी खुलवा रहे हैं। इसके बावजूद अब पुलिस कह रही है कि आरोपी फरार है और उसका मोबाइल भी बंद हो रहा है। ऐसे में सवाल यह खड़ा हो रहा है कि महकमे का मामला होने के चलते बसवा थाना पुलिस ने आरोपी को छोड़ दिया या वह गिरफ्त से भाग छूटा।
उच्च अधिकारियों को नहीं बताया
बसवा थाना प्रभारी ने मामले की तत्काल जानकारी उच्च अधिकारियों को नहीं दी। ऐसे में थाना प्रभारी रामनिवास को निलम्बित किया गया है। आरोपी कांस्टेबल की तलाश जारी है। पूरे मामले की गहनता से जांच चल रही है।
वंदिता राणा, एसपी दौसा