दौसा में रीट नकल गिरोह का भंडाफोड़, 5.60 लाख रुपए के साथ चार आरोपी दबोचे, करोड़ों का हिसाब मिला

डमी परीक्षार्थी बैठाने की थी योजना, नौकरी का झांसा देकर ऐंठतें हैं मोटी रकम, एक आरोपी कर बोर्ड अजमेर में लिपिक, दो लग्जरी कार व मोबाइल भी जब्त किए

By: Mahesh Jain

Published: 24 Sep 2021, 05:51 PM IST

दौसा. राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा 2021 में असली परीक्षार्थी की जगह दूसरा व्यक्ति बैठाने की योजना का शुक्रवार को दौसा पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। चार आरोपियों को दबोचकर 5.60 लाख रुपए बरामद किए हैं। दो लग्जरी कार व मोबाइल भी जब्त किए गए। आरोपियों की मोबाइल चैटिंग में करोड़ों रुपए का हिसाब भी मिला है, जिसको लेकर अभी जांच जारी है।

पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनिवाल ने पत्रकार वार्ता में बताया कि गिरफ्तार आरोपी रीट व अन्य परीक्षाओं में परीक्षार्थी की जगह अन्य को बैठाकर परीक्षा पास कराने, पेपर देने व सरकारी नौकरी लगवाने के झांसे देकर बेरोजगार छात्रों से राशि ऐंठते हैं। गत दिवस दौसा शहर में एक कार बार-बार चक्कर काट रही थी। पुलिस ने शक होने पर पीछा कर कार में बैठे युवकों की तलाशी ली तो 5 लाख 60 हजार रुपए की राशि के साथ चारों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वारदात का मास्टरमाइंड दौसा जिले के मानपुर थाना इलाके मूंडियाखेड़ा निवासी सुमेर मीना है। इसके साथ ही सिकंदरा थाना इलाके के पावटा निवासी रमेश मीना, नादौती थाना इलाके के चैनपुरा निवासी करणसिंह मीना व सिकंदरा थाना इलाके के पाटन निवासी दशरथसिंह मीना को गिरफ्तार कर लिया है।


आरोपी करणसिंह राजस्थान कर बोर्ड अजमेर में कनिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत है। एसपी ने बताया कि अभी चारों से पूछताछ की जा रही है। अन्य वारदातों व गिरोह में शामिल लोगों के बारे में पता लगाया जा रहा है। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लालचंद कयाल, दौसा पुलिस उपाधीक्षक डॉ. दीपक शर्मा, कोतवाली थाना प्रभारी लालसिंह आदि मौजूद थे।


ऐसे वसूलते हैं राशि
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों से जानकारी ली जा रही है कि इनके तार कहां -कहां से जुड़े हैं। हालांकि प्रारम्भिक पूछताछ में तो अभी तक यह सामने आया है कि ये लोग विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों से सम्पर्क कर उनको परीक्षा से पहले पेपर दिलाने, परीक्षा में डमी छात्र बैठाने का झांसा देकर राशि ऐंठते हैं। जो छात्र पास हो जाते हंै तो उनकी राशि ये लोग रख लेते हैं और जो पास नहीं होते उनको टरका-टरका कर वापस लौटा देते हैं।

किसी के झांसे में नहीं आएं

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आजकल प्रदेश में ऐसे कई गिरोह हैं, जिनमें से कई कोचिंग सेंटर आदि से भी जुड़े हैं। ऐसे गिरोह के सदस्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले परीक्षार्थियों से सम्पर्क कर उनको पेपर दिलाने, परीक्षाएं पास कराने व सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपए ठग रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि न तो कोई पेपर लीक होते हैं और ना ही पुलिस ऐसे लोगों के डमी परीक्षार्थी बैठने के मंसूबे कामयाब होने देगी।

इस टीम ने पकड़े आरोपी
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों को पकडऩे वाली टीम में कोतवाली थाने के सब इंस्पेक्टर श्यामलाल, एएसआई बलवीर सिंह, मिश्रीलाल, कांटेस्बल पुरंज, आशीष, नागपाल, मुरारीलाल, हेमराज, भूपेन्द्र व भागसिंह आदि शामिल थे।

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