
Rotavirus vaccine : स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार की ओर से रोटा वायरस से बचाव के लिए नई वैक्सीन लांच की गई है। वैक्सीन देने का तरीका भी बदला गया है। इस संबंध में निदेशालय की ओर से आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुभाष बिलोनिया ने बताया कि रोटा वायरस से बचाव के लिए बच्चों को 4,6 और 14 सप्ताह पर यह वैक्सीन ओरल रूप से दी जाती है। देने का समय अभी वहीं निर्धारित है, लेकिन देने का तरीका बदला गया है।
रोटावैक और रोटासिल में ये है अंत
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सीताराम मीणा ने बताया कि नई वैक्सीन का नाम रोटासिल 2 डोज लिक्विड है। पहले रोटावैक दी जाती थी। उसके स्थान पर रोटासिल दी जाएगी। पहले पांच बूदें वैक्सीन की दी जाती थी। जबकि अब 2 एमएल दी जाएगी। इसके लिए एक विशेष प्रकार की 3 एमएल की सिरींज और अडॉप्टर भी जारी किया गया है। अडॉप्टर में यही सिरींज फिट होगी। अन्य सिरींज को अडॉप्टर से नहीं जोडा जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि वॉयल पर अडॉप्टर लगाकर 3 एमएल की सिरींज में 2 एमएल वैक्सीन भरी जाएगी और बच्चे को धीरे.धीरे ओरल दी जाएगी। एक सिरींज से एक ही बच्चे को खुराक पिलाई जा सकेगी। दूसरे बच्चे के लिए नई सिरींज का उपयोग करना होगा। सिरींज में निडिल का उपयोग नहीं किया जाएगा और सिरींज का एक बार उपयोग करने के बाद उसे इंजेक्शन के रूप में काम में नहीं लिया जा सकेगा। पुरानी वैक्सीन में एक वॉयल में एक ही बच्चे के लिए डोज हुआ करती थी, लेकिन नई वैक्सीन रोटासिल.2 डोज की एक वॉयल में दो बच्चों के लिए डोज होगी। एक बार वॉयल खोलने के बाद 4 घंटे के अंदर उपयोग में लेना होगा। उन्होंने बताया कि वॉयल खोलते कोल्ड चैन मेंटेन करने के तरीके के बारे में भी सभी बीसीएमओ को जानकारी दे दी गई है। वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री के बीच स्टोर किया जा सकेगा।
Published on:
01 Feb 2024 12:37 pm
बड़ी खबरें
View Allदौसा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
