इस दौरान शंकर खटाणा, सरपंच मक्खन शर्मा, प्यारेलाल, मुकेश, रामजीलाल, रामरख, मोहनसिंह, मांगीलाल, मीठालाल, विश्राम, कमलेश, प्रभुदयाल, संतोष, राधेश्याम, लहरीलाल, गिर्राज, मोहनसिंह सहित दर्जनों ग्रामीण थे। इधर, पुलिस का कहना है कि 16 फरवरी की रात दुर्घटना की सूचना पर महेन्द्र व विक्रम को घायलावस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में महेन्द्र के परिजनों ने विक्रम पर आरोप लगाकर मामला दर्ज कराया, जिसकी जांच की जा रही है।