
नौकर ही निकला चोरी का मास्टर माइंड: लाखों के सोने के जेवर गड्ढे से किए बरामद
दौसा/महुवा. Servant turns out to be master master of theft: millions of gold jewelry recovered from pit कस्बे के मुख्य बाजार स्थित गणेश चौक सर्राफा व्यापारी की दुकान से दो दिन पूर्व हुई लाखों रुपए की कीमत के जेवरातों की चोरी का पुलिस ने मंगलवार को पर्दाफाश करते हुए नौकर सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर समसपुर गांव से चुराए गए जेवरात बरामद कर लिए हैं।
पुलिस उपाधीक्षक शंकर लाल मीणा ने बताया कि रविवार को कस्बे के मुख्य बाजार गणेश चौक स्थित मोहन लाल बंसल की सर्राफा की दुकान से चोरी के मामले में दुकान पर काम करने वाले नौकर राकेश प्रजापत निवासी कुम्हार मोहल्ला महुवा व उसके सहयोगी नरवीर उर्फ नरकेश गुर्जर निवासी समसपुर को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं पुलिस ने नरवीर उर्फ नरकेश गुर्जर के घर से भैसों के बाड़े में गाढ़ रखे जेवरात भी बरामद कर लिए हैं।
महुवा पुलिस उपाधीक्षक शंकरलाल मीना ने दौसा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बताया कि चोरी का खुलासा करने के लिए पुलिस महानिरीक्षक एस. सेंगाथिर, पुलिस अधीक्षक प्रहलादसिंह, उपाधीक्षक अनिल सिंह चौहान के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया। टीम में महुवा थाना प्रभारी करणसिंह राठौर, कांस्टेबल धर्मराज, बनेसिंह, राकेश, अजीत सिंह, बृजेश सिंह,जलसिंह, पुष्पेन्द्र सिंह, देवी सिंह व दिनेश आदि थे। उल्लेखनीय है कि व्यापारी मोहनलाल बंसल ने महुवा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 1 मार्च 2020 को पौने 3 बजे वह अपनी प्रथम तल की दुकान का ताला लगाकर अपने छोटे भाई के पास आ गया था। उसकी दुकान से करीब 1 किलो 400 ग्राम सोने के जेवर,200 ग्राम शुद्ध सोना व 10 हजार रुपए चोरी हो गए थे। पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि व्यापारी का माल बरामद कर लिया है।
दो महीने पहले बनवाई थी ताले की चाबी
पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि दुकान पर काम करने वाले राकेश प्रजापत ने दो माह पूर्व दुकान से ताला ले जाकर मुख्य बाजार में उसकी नकली चाबी बनवा ली। इसके बाद वे वारदात को बीच में अंजाम देते, लेकिन दुकान में सीसीटीवी लगने के कारण चोरी को अंजाम नहीं दे पाए। बाद में उन्होंने योजनाबद्ध रूप से चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
मुनीम ने ले रखा था कर्जा
पूछताछ के दौरान आरोपी नौकर राकेश ने बताया कि उसने नरवीर गुर्जर से 40 हजार रुपए उधार ले रखे थे। पहले भी उससे 10 हजार रुपए लिए थे। उसके पास पैसे नहीं होने के कारण दोनों ने मिलकर जेवरात चोरी की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार राकेश सट्टे का आदी है और वह आए दिन सट्टे में पैसे हारता रहता है। सट्टे की लत के कारण ही उसके ऊपर कर्जा हो गया और उसने जेवरात चोरी कर अपना कर्जा चुकाने की योजना बनाई थी।
पूर्व में भी हुई थी चोरी
दुकान मालिक ने बताया पूर्व में भी कई बार दुकान से सामान चोरी हो गया था। लेकिन मात्रा कम होने के कारण उन्होंने ध्यान नहीं दिया। हालांकि व्यापारी को मुनीम पर शक था। इसके कारण ही उन्होंने दुकान में सीसीटीवी कैमरा लगवाए थे।
इस तरह दिया वारदात को अंजाम
नौकर द्वारा बनाई गई चोरी की योजना के अनुसार उसने नरवीर गुर्जर को बुला कर अपने घर पर बैठा लिया। जैसे ही दुकान मालिक दुकान से बाहर निकला तो उसने नरवीर को दुकान में चोरी करने के लिए कॉल कर बुलवा लिया। इस दौरान नरवीर सर्राफा बाजार होते हुए अपनी पहचान छिपाते हुए मुंह बांध कर चश्मा व टोपी लगा कर दुकान में प्रवेश कर गया। उसने काउंटर में रखे डिब्बों में से जेवरात निकाल कर अपने बैग में डाल लिए। जिसके बाद उसने तुरंत ही फोन कर नरवीर से कहा कि जितना भी माल लिया है, उसे लेकर वहां से निकल लो सेठ जी आने वाले हैं।
इस प्रकार नरवीर सोने के आभूषण बैग में भरकर राधाकृष्ण की गली होते हुए तहसील रोड से पाराशर कॉलोनी से होकर समसपुर अपने गांव चला गया। थोड़ी देर बाद ही राकेश प्रजापत बाइक लेकर पीछे-पीछे उसके गांव चला गया। जहां उसने जेवरोंं को नरवीर को ले जाकर अपने घर में रखने के लिए कहा और वह वापस महुवा आ गया। दूसरे दिन समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद वह पुन: उसके घर गया, जहां उसने उसे कहा कि मामले को लेकर पुलिस बहुत सख्ती बरत रही है। ऐसे में वह माल को कहीं गड्ढा खोद कर गाड़ दें। इस पर नरवीर ने जेवरों को अपने भैसों के बाड़े में भैंसों को चारा डालने की ठाण के बगल में गहरा गड्ढा खोद कर गाड़ दिया और बैग को जला दिया। 10 हजार रुपए में से एक हजार के स्पीकर खरीद लिए, दो हजार रुपए पत्थर की खुदाई के लिए मजदूरों को दे दिए और कुछ पैसे अपने पिता को दे दिए बाकी घर पर रख दिए।
Published on:
03 Mar 2020 07:40 pm
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