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प्रदेशव्यापी आह्वान . . . निजीकरण के विरोध में सौंपा ज्ञापन

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प्रदेशव्यापी आह्वान . . . निजीकरण के विरोध में सौंपा ज्ञापन

दौसा में बिजली निगम के एसई को ज्ञापन देते विद्युत श्रमिक संघ के पदाधिकारी।

दौसा. भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध राजस्थान विद्युत श्रमिक महासंघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर जयपुर विद्युत वितरण श्रमिक संघ दौसा ने विद्युत निगमों में हो रहे निजीकरण के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन दिया।
संघ के जिला महामंत्री हेमंत कुमार त्रिवेदी ने बताया कि विद्युत के पांचों निगमों में अलग-अलग नामों से निजीकरण किया जा रहा है।
अलग-अलग कंपनियों को भी निजी हाथों में दिया जा रहा है जो सही नहीं है। देश के कई राज्यों में निगमों को एक-एक कर पुन: बोर्ड बनाने की कवायद चल रही है तो राजस्थान सरकार को भी इस पर विचार करना चाहिए। बिजली देश की एक महत्वपूर्ण संस्था है जो कि विकास में अपना अहम स्थान रखती है। इसलिए इस व्यवस्था को सरकार द्वारा अपने हाथों में ही रखा जाना चाहिए।
ज्ञापन में बताया कि देश में कोई आपदा आती है तो उस समय राज्य के कर्मचारी समर्पित होकर बखूबी कार्य करते हैं।
इसका महत्वपूर्ण उदाहरण कोरोना काल में देखने को मिला जब सभी निजी उद्योग बंद कर दिए, लेकिन चिकित्सा, बिजली, परिवहन, शिक्षा, सफाई व जलदायकर्मी आदि ने अपनी जान की परवाह किए बिना 24 घंटे सेवाएं दी। ऐसे में सरकार को विद्युत निगम के निजीकरण को तुरंत प्रभाव से बंद करना चाहिए।
इस अवसर पर भारतीय मजदूर संघ के जिला संरक्षक उमेशकुमार शर्मा, जिला उपाध्यक्ष सुरेशप्रकाश शर्मा, जिला मंत्री अनूप शर्मा, विद्युत श्रमिक संघ के जिलाध्यक्ष योगेश चौधरी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरुण वशिष्ठ, कोषाध्यक्ष महेश शर्मा, कार्यालय मंत्री श्रवण बैंदाड़ा, राम लखन मीणा, प्रेम सिंह मीणा, राजेंद्र बैरवा, सागरमल, रामकिशन, रोशन गुर्जर आदि थे।

न्यू कॉलोनी में पेयजल किल्लत
लालसोट. शहर के वार्ड 16 स्थित न्यू कॉलोनी में टेलीफोन एक्सचेंज वाली गली में पिछले कई माह से जारी पेयजल संकट से क्षेत्र के वाशिंदों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मेनपाल त्यागी व अन्य जनों ने बताया कि इस क्षेत्र में हर महीने में कई दिनों तक पेयजल की आपूर्ति नहीं होती है।
पानी की आपूर्ति काफी कम पे्रशर होने से पता नही चलता है कि कब पानी की आपूर्ति होती है। इसके अलावा इस क्षेत्र में बिना मोटर पानी की एक भी बूंद नलों में नहीं टकपती है। वाशिंदों ने बताया कि जलापूर्ति का समय भी निर्धारित नहीं है। इस बारे में कई बार विभाग के अधिकारियों को भी शिकायत कराने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।