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छह माह पहले चोरी हुआ ट्रैक्टर बरामद

अलवर जेल से प्रोडक्शन वारंट पर किया गिरफ्तार, अन्तरराज्यीय वाहन चोर गिरोह में हैं शामिल

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दौसा

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pramod awasthi

Apr 01, 2018

bandikui police

बांदीकुई. पांच माह पहले हुए एक ट्रैक्टर-ट्रॉली चोरी के मामले का थाना पुलिस ने रविवार को खुलासा करते हुए शनिवार को एक आरोपित को अलवर जेल से प्रोडक्शन वांरट पर गिरफ्तार ट्रैक्टर बरामद कर लिया है। थाना प्रभारी निरंजनपालसिंह ने बताया कि 12 अक्टूबर 2017 को विजेन्द्र सिंह राजपूत निवासी सीमला ने मामला दर्ज कराया था कि वह 27 सितम्बर 2017 की रात गोलाड़ा पेट्रोल पम्प पर ट्रैक्टर-ट्रॉली को खड़ा करके सो गया। सुबह जाग होने पर ट्रेक्टर-ट्रॉली गायब मिली। इस मामले में मुख्य अरोपित राजेन्द्र मीणा निवासी नगर (भरतपुर) को अलवर जेल से प्रोडक्शन वांरट पर गिरफ्तार किया। पूछताछ करने पर आरोपित ने चुराया गया ट्रैक्टर घर में छुपाना बताया।

आरोपित की निशानदेही पर ट्रैक्टर को उसके घर से बरामद कर लिया है। उप निरीक्षक अशोक झांझडिय़ा ने बताया कि इस मामले में गत 15 फरवरी 2018 को आरोपति हुक मचंद निवासी समलेटी, रिंकु जाटव निवासी धंतूरी महुवा एवं प्रकाश मीणा निवासी महुवा को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन आरोपितों के कब्जे से ट्रॉली बड़ौदा मेव से बरामद की गई थी। पुलिस ने बताया कि आरोपित ने अपना घर नदी -नालों में बना रखा है। इसके चलते वहां तक पहुंचना मुश्किल होता है। जहां ये आरोपित चुराए गए वाहनों को छिपा देते हैं।


वाहन चोर गिरोह में है शामिल
पुलिस के अनुसार राजेन्द्र मीणा आदतन अपराधी है। इसके तार अन्तर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह से जुड़े हुए हैं। इसके खिलाफ करीब 35 से ज्यादा चौपहिया वाहन चोरी के मामले दर्ज हैं। राजस्थान के पाली, मेड़ता, जयपुर , भरतपुर, अलवर, दौसा, हरियाणा, उत्तरप्रदेश एवं दिल्ली के कई थानों में दर्ज होने के साथ ही वांटेड भी है।


विदेश जाने के कारण नहीं बिका ट्रैक्टर
पुलिस ने बताया कि राजेन्द्र अन्य राज्यों मे भी चोरी की वारदात को अंजाम देता था। इस कारण वह विभिन्न राज्यों में शातिर चोरों के सम्पर्क में रखता था। इसी वजह से उसका एक दोस्त हरियाणा में बन गया। जो इसके चुराए गए वाहनों क ो खरीदता था, लेकिन इस वारदात के बाद जब राजेन्द्र ने उससे सम्पर्क साधा तो वह विदेश जाने की वजह से मौके पर नहीं मिला। इसके चलते आरोपित राजेन्द्र ट्रैक्टर को बेचान नहीं कर सका। दोस्त के वापस विदेश से आने से पहले ही राजेन्द्र आम्र्स एक्ट के एक मामले में जेल चला गया। जहां से प्रोटक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया है। इससे पूछताछ में बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है।


बोलेरो थी पहली पंसद
आरोपित राजेन्द्र चोरी की वारदातो में जुडऩे से पहले खेती से जुड़ा कार्य करता था, लेकिन वाहन चोरी की लत ऐसी लगी कि वह चौपहिया वाहनों को चुराने का मास्टर माइंड बन गया। जो कि सिर्फ चौपहिया वाहनों को अपना निशाना बनाता था। वह सबसे ज्यादा बोलरो ,जीप, ट्रैक्टर एवं लोडिंग वाहनों को ही चुराता था।


चोरी की वजह से टूटा पैर
थाना प्रभारी निरंजनपाल ने बताया कि आरोपित चौपहिया वाहनों की ज्यादा चोरी करता था। इस कारण कई बार चोरी करते हुए ग्रामीणों ने पकड़ लिया। मारपीट में आरोपित का पैर भी टूट चुका है। एक पैर में रोड भी डली हुई है।