इसी बीच मशीन चलाकर भूमि खाली कराने का प्रयास किया गया तो हंगामा हो गया। मशीन की चपेट में आने से गंगाराम मीणा निवासी ढीगारिया टप्पा घायल हो गया। दौसा अस्पताल से उसे जयपुर रैफर कर दिया गया। इस पर पुलिस-प्रशासन व ग्रामीण आमने-सामने हो गए व पथराव हो गया। हालांकि अधिकतर जमा मिट्टी के ढेले फेंके गए। पुलिस ने लाठी फटकार कर ग्रामीणों को दूर किया। ग्रामीणों ने राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को भी मामले से अवगत कराया, क्योंकि पूर्व में सांसद के नेतृत्व में पेड़ चिपको आंदोलन किया गया था। तब मुआवजे मिले बिना पाइप लाइन, बोरिंग, फसल आदि को नष्ट नहीं करने के लिए समझौता किया था। सांसद ने कहा कि किसी भी सूरत में अन्याय नहीं होने देंगे। ग्रामीणों ने सवाल खड़ा किया कि जब तक पूरा मुआवजा नहीं दिया जाएगा तो भूमि पर कब्जा कैसे लिया जा सकता।