
भगवान के भोग अर्पण कर मेले में आए हजारों श्रद्धालुओं ने पाया प्रसाद, धार्मिक आयोजनों की मची धूम
बडिय़ाल कलां. ग्राम मोटूका स्थित ओमकारेश्वर शिव मंदिर में पंचकुंडीय रुद्र महायज्ञ एवं श्रीमदभागवत ज्ञान यज्ञ में नंदोत्सव मनाया गया। इसमें श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। आचार्य पंडित मुकेश शास्त्री ने कहा कि धर्म की जड़ सदा हरी होती है। ईश्वर एक है, लेकिन उसके रूप अनेक है। दूसरों पर दया करने से बड़ा कोई पुण्य नहीं है। नंदोत्सव मनाया गया। जहां नंद के आनंद भयो जय कन्हैयालाल की भजन से समूचा वातावरण भक्तिमय हो गया।
सिकंदरा. सिकंदरा स्थित गादला ढाणी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में पं हरिदर्शनाचार्य ने राजा परिक्षत जन्म की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भागवत सुनने से मनुष्य को मोक्ष प्राप्ति होती है। इस दौरान महिलाओं ने भजनों की धुनो पर नृत्य किया। बड़ी संख्या में लोग कथा सुनने पहुंचे। इस मौके पर हरसहाय सैनी, सीताराम सैनी, गुल्याराम, बंशीराम सैनी, कैलाशचंद सैनी, छीतरमल आदि मौजूद थे।
ढिगारियाकपूर (बांदीकुई). ग्राम ढिगारिया कपूर गांव में चल रही भागवत कथा में शुक्रवार को कृष्ण-रुक्मणि विवाह हुआ। श्रोताओं ने पीले हाथ कर कन्यादान में उपहार दिए। सजीव झांकी सजाई गई। पं. महेन्द्र शास्त्री ने कहा कि कन्यादान से बड़ा कोई दूसरा पुण्य नहीं है। मनुष्य को एक कन्या का विवाह अवश्य करना चाहिए। रत्तीराम, रमेशचंद मीणा, लालाराम सैनी, रामचरण यादव, विशम्भरदयाल, रामेश्वरप्रसाद, दूजीराम, रामखिलाड़ी, शेखर, महेशचंद मौजूद थे। (ए.सं.)
वार्षिकोत्सव आज
बांदीकुई. सुरभि संगीत संस्थान का द्वितीय वार्षिकोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। इसको लेकर हुई बैठक में कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई। दीनबंधु शर्मा फोरेस्टर ने बताया कि वार्षिकोत्सव शनिवार शाम बालाजी चौक पर होगा। संचालक सलीम खान, ओमप्रकाश सैनी, ऋषभ जैमन, अजय वर्मा, राजेश सैनी, इरफान खान, शिवचरण चौधरी, सुमेश सैनी, आसिफ अली, शिवदयाल सैन, नंदकुमार चितौसिया, यदुवीरसिंह व शंशाक तोमर ने विचार व्यक्त किए।
कुण्डल. कस्बे के सिंगोलाव मोहल्ले स्थित मां भगवती देवी मन्दिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा और श्रीमद् भागवत कथा समारोह के दौरान शुक्रवार को कृष्ण जन्मोत्सव में श्रद्धालु झूम उठे। कथावाचक दिनेश शस्त्री ने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार और पाप बढ़ा है, तब-तब भगवान श्रीहरि ने अवतार लेकर पापियों का संहार करके पृथ्वी को उनके अत्याचारों से मुक्त करवाया है।
इस दौरान कृष्ण जन्म पर महिलाओं ने बधाइयां गाकर नृत्य किया।मिठाई और फल वितरीत किए गए। कृष्ण जन्मोत्सव की सजीव झांकी सजाई गई। इसी प्रकार सिण्डोली गांव में लक्ष्मीनारायणजी मन्दिर में राधा-कृष्ण की मूर्ति स्थापना और भागवत कथा में मुरारी लाल द्वारापुरा ने कहा कि अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। कृष्ण जन्मोत्सव पर प्रसादी का वितरण किया गया।
Published on:
23 Jun 2018 05:02 pm
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