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मेहंदीपुर बालाजी मंदिर के पट खुले, दर्शन कर खुशी से झूम उठे भक्त

दरबार में टेका मत्था, मांगी मनौती, व्यापारियों में भी खुशी की लहर
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दौसा

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Mahesh Jain

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Updated: 18 Oct 2021, 6:29 PM IST

मेहंदीपुर बालाजी मंदिर के पट खुले, दर्शन कर खुशी से झूम उठे भक्त

मेहंदीपुर बालाजी मंदिर के पट खुले, दर्शन कर खुशी से झूम उठे भक्त

दौसा.मेहंदीपुर बालाजी. आस्थाधाम मेहंदीपुर बालाजी मदिर दर्शनों के लिए सोमवार सुबह सात बजे से खोल दिया गया। भक्त बालाजी महाराज के दर्शन कर खुशी से झूम उठे।

जयश्री राम व महाबली के जयकारों से आस्था धाम का माहौल भक्तिमय हो गया। साथ ही मंदिर खुलने से स्थानीय व्यापारियों में उत्साह देखा गया। सोमवार सुबह 7 बजे श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए खोल दिया गया। जहां मंदिर महंत नरेशपुरी महाराज के सानिध्य में पुजारियों ने मंदिर में हवन पूजन कर श्रद्धालुओं को दर्शन शुरू करवाए। पांच दिन बाद मंदिर खुलने के साथ ही बालाजी दरबार में ढोक लगाने पहुंचे श्रद्धालु बालाजी, भैरवजी व प्रेतराज सरकार के दर्शन कर खुशी से झूम उठे।

भक्तों ने अपने आराध्य के दर्शन कर देश व प्रदेश को कोरोना से मुक्ति दिलाने की कामना की। व्यापारियों में भी मंदिर खुलने पर खुशी की झलक दिखाई दी। मंदिर प्रशासन भी राज्य सरकार द्वारा कोरोना पर नियंत्रण व जागरुकता को लेकर जारी की गई कोरोना एडवाइजरी की सख्ती से पालना को लेकर पूरी तरह सजग रहा। जहां मंदिर प्रशासन द्वारा इसकी पालना को लेकर बालाजी दरबार में पहुंचने से पहले श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग, मास्क, सैनेटाइजर के बाद ही मंदिर मे प्रवेश दिया गया साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग सहित अन्य एडवाइजरी का भी ख्याल रखा गया। इससे पूर्व मंदिर खोले जाने को लेकर मंदिर प्रशासन द्वारा एक दिन पूर्व से ही इसकी तैयारियां पूरी कर दी।

थानाधिकारी गिर्राजप्रसाद, हैड कांस्टेबल अनूपसिंह सहित कई पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं के दर्शनों की व्यवस्था के साथ हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए थे। इधर एहतियात के तौर पर मंदिर प्रशासन द्वारा मंदिर में फूल माला, प्रसाद सहित अन्य पूजन सामग्री को अंदर ले जाने पर पूर्णता रोक लगा दी। ऐसे में भक्तगण बिना किसी पूजन सामग्री के मंदिर में बालाजी महाराज के दर्शन करने पहुंचे। वहीं दशहरा उत्सव पर मंदिर बंद होने के कारण स्थानीय होटल, धर्मशाला संचालकों, फूल माला, थड़ी, ठेले वालों व दुकानदारों के सामने अपने व्यवसाय को लेकर चिन्ता थी, लेकिन अब मंदिर खुल जाने के साथ ही उन्हें फिर से रोजगार मिल सकेगा।

गौरतलब है कि मेहंदीपुर बालाजी में दशहरा पर्व पर हर वर्ष लक्खी मेले का आयोजन होता था। जिसमें विभिन्न प्रांतों के लाखों भक्त भाग लेते थे, लेकिन लगातार दूसरी बार मंदिर प्रशासन ने कोरोना संक्रमण से आम लोगों के बचाव के लिए एहतियात बरतते हुए दशहरा महोत्सव रद्द कर पांच दिनों के लिए दर्शनों पर अस्थाई रोक लगा दी थी।