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महामारी की मार… आस्थाधाम मेहंदीपुर बालाजी में पसरा सन्नाटा, व्यवसाय चौपट

व्यापारियों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट

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महामारी की मार... आस्थाधाम मेहंदीपुर बालाजी में पसरा सन्नाटा, व्यवसाय चौपट

मेहंदीपुर बालाजी. कोरोना वायरस संक्रमण के चलते सुनसान बालाजी मंदिर परिसर।

दौसा . कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर विश्व प्रसिद्ध आस्थाधाम मेहंदीपुर बालाजी मंदिर पिछले 16 अप्रेल से बन्द है। दिल्ली, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, मध्यप्रदेश आदि दूसरे राज्यों में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों पर नियंत्रण के लिए स्थानिय सरकारों द्वारा लगाई गई पाबन्दियों से आस्थाधाम में श्रद्धालुओं का आना लगभग बन्द हो गया है। इस कारण धार्मिक नगरी में सन्नाटा पसरा रहता है। जिस धार्मिक नगरी में तिल रखने को जगह नहीं मिलती थी, वहां अब सिर्फ सन्नाटा पसरा है।
इसके चलते आस्था धाम के व्यापारियों, दुकान संचालक, धर्मशाला गेस्ट हाउस, होटल ,जीप, टेम्पो, ठेले संचालक, दूध-दही, फूल माला बेचने वाले, कुल्हड़ बनाने वाले, रेस्टोरेन्ट संचालक आदि सभी का व्यवसाय श्रद्धालुओं पर निर्भर होने की वजह से पूरा चौपट हो गया है। आस्था धाम के स्थानीय लोगों का हर व्यवसाय दूसरे राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं पर निर्भर है। ऐसे में स्थानिय उनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है।
पिछले वर्ष लॉक डाउन एवं दस माह तक मंदिर बंद रहने से व्यापारियों की आर्थिक स्थिति पहले ही खराब थी। इस साल जैसे तैसे उनको कारोबार की उम्मीद थी कि दोबारा कोरोना संक्रमण के कारण व्यापार बन्द हो गया। इसससे चलते व्यापारियों का आस्थाधाम में व्यापार करना घाटे का सौदा साबित हो रहा है। कई व्यापारी तो पलायन कर गए हैं। कोरोना वायरस की वजह से लंबी अवधि तक दुकानें बन्द रहने से उनमें रखा सामान भी खराब होने लगा है।
कोरोना की वजह से भविष्य में उनका रोजगार पहले की भांति चल पाएगा, यह भी कहना मुश्किल है। भीड़ को कोरोना वायरस से बचाने के लिए राज्य सरकार व बालाजी मंदिर ट्रस्ट ने जनहित में र्मदिर बन्द करने का निर्णय किया था। आस्थाधाम व्यापार मण्डल अध्यक्ष गोपाल सिहं का कहना है कि पिछले एक साल से काम धंधे सब चौपट हैं।
राज्य सरकार को आस्था धाम के व्यापारियों के परिवारों के बारे में भी सोचना चाहिए। स्थानीय व्यापारियों के सामने लगातार दूसरे वर्ष रोजी रोटी का संकट पैदा हुआ है। सरकार उन्हें आर्थिक सहायता तत्काल मुहैया कराएं। स्थानीय व्यापारी प्रमोद अग्रवाल का कहना है पिछले साल बालाजी मंदिर 10 महीने बंद रहने से व्यापारियों की आर्थिक स्थिति पहले ही खराब थी। अब दोबारा कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के कारण रोजगार फिर से चौपट हो गया।
गौरतलब है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर एवं कोरोना संक्रमण रोकने के लिए मेहंदीपुर बालाजी महाराज के दर्शन पिछले 16 अप्रेल से आम श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए थे। बालाजी मंदिर ट्रस्ट की ओर से नियमित भोग पूजा-अर्चना जारी है।