12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दौसा

किसानों का सामने आया दर्द…हो रहा नुकसान पर नुकसान, मिलता मुआवजे के नाम मात्र आश्वासन

पाले के बाद मावठ से फसलों में खराबा, किसान चिंता में, पहले की गिरदावरी रिपोर्ट व मुआवजा कागजों में सिमटा

Google source verification

दौसा

image

Mahesh Jain

Jan 31, 2023

दौसा. बांदीकुई. जहां पहले पाले से किसानों की सरसों की फसल को बडा़ नुकसान हुआ और अब मावठ किसानों पर कहर बनकर टूटी हैं। मावठ से सरसों, तारामीरा, गेंहू, जौ सहित अन्य रबी की फसलों पर नुकसान पहुंचा हैं। पहले के नुकसान का भी कोई मुआवजा नहीं मिला है। गिरदावरी रिपोर्ट व मुआवजे के दावे कागजों में ही सिमट कर रह गए। पत्रिका टीम के समक्ष मंगलवार को किसानों का दर्द कुछ इसी तरह सामने आया। किसानों ने बताया कि इस मावठ से रबी की फसल में बडा़ नुकसान हुआ हैं। राज्य सरकार तुरंत गिरदावरी करवाकर मुआवजा दिलवाए। पिछले दो तीन दिन हुई मावठ से सरसों, तारामीरा, गेंहू, जौ की फसल में करीब इससे 60 से 70 फीसदी से भी ज्यादा नुकसान हुआ है। सरसों की फसल पूरी तरीके से पककर तैयार थी और उसकी कटाई का कार्य भी शुरू हो गया था। ऐसे में तेज बारिश होने से सरसों की फलियों में से दाने निकलकर गिर गए हैं।


राम के साथ राज भी रूठाकिसानों का कहना है कि हमेशा पहले राम रूट जाता है और फिर राज भी। अतिवृष्टि, ओलावृष्टि पड़ने पर हमेशा फसल खराब हो जाती हैं। जिसको लेकर हर बार फसल खराबे की गिरदावरी करवाई जाती है। यह रिपोर्ट कागजों में ही सिमट कर रह जाती हैं।

किसानों की जुबानी, नुकसान की कहानी….
फसलों में पाले से नुकसान को हुए दस दिन से अधिक हो गए। खेतों में फसलें काटने के लायक नहीं है। पाले ने बीज को ही नष्ट कर दिया, सूचना देने के बाद भी गिरदावरी नहीं हुई है। अधिकारी बैठे-बैठे ही आंकड़े भेज रहे हैं।

हरिनारायण मीणा बीड़

पहले पाले से सरसों की फसल को भारी नुकसान हुआ। और अब मावठ सरसों की फसल पर कहर बनकर टूटी हैं। इससे फसल लगभग तबाह हो गई। मुआवजे के नाम पर कुछ नहीं मिलता।
छुट्टनलाल सैनी धांधोलाई


बेमौसम की बारिश से सरसों, तारामीरा और गेंहू की फसल नष्ट हो गई। राज्य सरकार गिरधावर की रिपोर्ट कर जल्द मुआवजा दिलवाए। जिससे किसानों को राहत मिले।
रंगलाल गुर्जर सेवापुरा

फसल खराबे पर हर बार गिरदावरी रिपोर्ट करवाई जाती है। लेकिन यह रिपोर्ट कागजों तक सिमट कर रह जाती है। किसानों को हर बार मुआवजे का इंतजार रहता हैं।
पप्पू सिंह रलावता

किसानों का सामने आया दर्द...हो रहा नुकसान पर नुकसान, मिलता मुआवजे के नाम मात्र आश्वासन