
सुबह बाजारों में रही भीड़, पुलिस आई तो गलियों में भागे लोग
दौसा. जिले में कोरोना वायरस संक्रमण की चेन तोडऩे के लिए लागू लॉकडाउन की पालना कराने में पुलिस एवं प्रशासन भरसक कोशिश कर रहा है, लेकिन कई लोग गाइड लाइन की धÓिजयां उड़ाने से बाज नहीं आते। शुक्रवार को वीकेंड कफ्र्यू से एक दिन पहले सुबह बाजारों में खासी भीड़ रही। जब पुलिस आई तो लोग गलियों में जा घुसे और पुलिस के जाते ही फिर से बाजारों में आ गए। इस तरह सुबह 11 बजे तक लुकाछिपी का खेल चलता रहा।
जिला मुख्यालय के लालसोट रोड, मण्डी रोड, नया कटला, सुंदरदास मार्ग, आगरा रोड, सैंथल मोड, गुप्तेश्वर रोड, पुराने शहर सहित अन्य बाजारों में सुबह 11 बजे तक अनुमत दुकानें खुलने के कारण लोगों की जमकर भीड़ देखी गई। नए कटले से लेकर सुंदरदास मार्ग तक लोग बेरोकटोक वाहनों को लेकर घूमते रहे।
यहां तक कि पुलिस की गत दो दिन से ढिलाई का लाभ उठाकर सुबह सब्जी मंडी में स्थाई दुकानें तक लग गई। बाजारों में लोग सोशल डिस्टेंस की पालना करते भी नहीं दिखे। कई दुकानों पर तो दस से पन्द्रह लोग सटकर खड़े रहे। दुपहिया वाहनों पर भी तीन-तीन लोग बैठ कर घूमते रहे। इस दौरान कोतवाली थाना प्रभारी लालसिंह के नेतृत्व में पुलिस दल ने पैदल मार्च किया, लेकिन लोग पुलिस के निकलते ही फिर से लापरवाही बरतते रहे। हालांकि 11 बजे बाद लोग अपने घरों की ओर चलना शुरू हो गए थे। दोपहर 12 बजे बाद सड़कों एवं बाजारों में सन्नाटा पसर गया। मात्र दवा दुकानों पर ही ग्राहक नजर आए।
वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिलसिंह चौहान के नेतृत्व में 11 बजे बाद बेवजह घूम रहे लोगों के खिलाफ कारवाई भी की गई। उनके साथ पुलिस उपाधीक्षक डॉ. दीपक शर्मा सहित अन्य पुलिस अधिकारी व जवान थे।
प्वाइंटों पर काटे चालान
जिला मुख्यालय पर गांधी तिराहा, पुलिस कंट्रोल रूम में सामने, पुराने सिनेमा, सैंथल मोड़, सोमनाथ चौराहे सहित अन्य प्वाइंटों पर पुलिस ने शहर में आने वाले लोगों को रोक-रोक कर पूछताछ की। बिना काम घूमते मिलने पर चालान काटे गए तो कई के डण्डे फटकारे गए। हालांकि लोग अब मुख्य सड़कों पर आवश्यक काम से ही जाते हैं, अन्यथा गलियों के रास्ते गुजर जाते हैं।
गांवों के थे हालात
जिला मुख्यालय पर तो फिर भी पुलिस दिनभर गश्त कर एवं प्वाइंटों पर पुलिसकर्मी तैनात रहने से लोग काबू में आ जाते हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों के हालात सुधर नहीं रहे हैं। सुबह 6 से 11 बजे तक अनुमत ही नहीं बिना अनुमत वाली दुकानें भी खुलती है।
यहां न कोई सोशल डिस्टेंस की पालना करता है और बहुत ही कम लोग मास्क लगाते हैं। एक दिन तो पुलिस ने भी सख्ती बरती बाद में नरम पड़ गई। जबकि वर्तमान में भी ग्रामीण इलाकों में कोरोना के मरीज अधिक आ रहे हैं। मृतकों में भी ग्रामीण इलाकों के ही अधिक हैं, फिर भी लोग समझ नहीं रहे हैं।
Published on:
21 May 2021 07:19 pm
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