कोराना गाइडलाइन के नियमों की उड़ा रहे धज्जियां,
झोलाछाप कूट रहे चांदी, विभाग के अधिकारियों ने मूंदी आंखें
दौसा. गीजगढ़ कस्बे सहित आसपास के गांवों में झोलाछाप किराए की दुकानों में अनाधिकृत क्लिनिक खोलकर सरकार व प्रशासन के नियमों को किनारे रखकर कोराना गाइड लाइन के नियमों का उल्लंघन करते हुए प्रशासन को ठेंगा दिखाते हुए इलाज कर रहे हैं। क्षेत्र में कोरोना संक्रमित आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो जाने के बाद भी प्रशासन व विभाग इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इससे इनके हौसले बुलन्द होते जा रहे हैं। कालाखो, अम्बाडी, गीजगढ़. बहरावण्डा, अचलपुरा सहित अन्य गांवों में झोलाछाप नीम हकीम अपनी मेडिकल दुकान, अनाधिकृत क्लिनिक व डायग्नोस्टिग सेंटर खोलकर थोड़े से लालच के लिए ही एक साथ अनेक मरीजों को भर्ती कर बिना जांच किए ही ड्रिप, इंजेक्शन व प्रतिबंधित दवा देकर धड़ल्ले से इलाज कर रहे हैं।
वे ना तो खुद के परिवार की, ना ही मरीजों व क्लिनिक के आसपास रहने वाले लोगों के संक्रमण की चिंता कर रहे हैं। इस बारे में विभाग के अधिकारियों को पता होने के बाद भी आंखें मंूदे बैठे हैं। कोरोना जांच के भय से करवा रहे हैं इलाज- ग्रामीण इलाकों में लोगों के खासी, जुकाम होने पर सरकारी अस्पताल में कोरोना जांच करने के भय से झोलाछाप से ही इलाज करा लेते हैं।
जहा झोलेछाप नए नए प्रयोग कर मरीजों की बिना जांच के ही दवा देकर कोरोना संक्रमण को बढ़ावा दे रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पॉजिटिव व मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। गत दिनों भी टीम ने कस्बे में एक झोलाछाप की दुकान को सील करने की कार्रवाई की गई थी।