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कोरोना से जंग जीतने के लिए बढ़ानी होगी टीकाकरण की रफ्तार

स्वास्थ्य केन्द्रों में वैक्सीन की किल्लत से लौट रहे निराश
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दौसा

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Rajendra Kumar Jain

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Updated: 20 May 2021, 1:02 PM IST

कोरोना से जंग जीतने के लिए बढ़ानी होगी टीकाकरण की रफ्तार

बांदीकुई में सूना पड़ा वेक्सीनेशन सेंटर।

बांदीकुई (दौसा) . कोरोना के बढ़ते संक्रमण की रोकथाम के लिए वैक्सीनेशन कोरोना के सामने एक बड़ा हथियार है। सरकार द्वारा विभिन्न माध्यमों द्वारा प्रचार प्रसार करके लोगों को टीकाकरण के लिए जागरूक किया जा रहा है, लेकिन जब लाभार्थी टीकाकरण के लिए वैक्सीन सेंटर पर पहुंच रहे हैं तो वैक्सीन की किल्लत के चलते वे निराश होकर घरों को वापस लौट रहे हैं।
लगभग सभी वैक्सीन सेंटरों पर पिछले दो दिनों से वैक्सीन की खेप खत्म हो चुकी है या कई स्थानों पर खत्म होने के कगार पर बताई जा रही हैं। अब नई खेप के आने को लेकर लोगों सहित चिकित्सा महकमे में भी असमंजस कि स्थिति बनी हुई हैं। कि खेप के आने पर वे 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के प्रथम या द्वितीय में से कौनसी डोज लगा पाएंगे। लोग भी बार बार सेंटर पर पहुंचकर डोज के बारे में जानकारी लेते नजर आते हैं। हालांकि बुधवार को बसवा में 70 जनों का टीकाकरण किया गया।
वैक्सीन ही जंग में बना बड़ा हथियार
कोरोना रोकथाम में वैक्सीन की भूमिका कारगर पाई जा रही हैं। इसके चलते बड़ी संख्या में लोग भी टीकाकरण के लिए आगे आ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार वैक्सीनेशन से कोरोना के घातक संक्रमण से काफी हद तक बचा जा सकता हैं। अभी केन्द्र सरकार द्वारा 18 से 45 वर्ष के लोगों को 1 मई से टीकाकरण का निर्देश जारी किया गया हैं। इससे पूर्व 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के टीकाकरण प्रगति पर है, लेकिन आवश्यकता के अनुरूप टीका उपलब्ध न हो पाना टीकाकरण के अभियान में खलल पैदा कर रहा है।


कोराना गाइडलाइन के नियमों की उड़ा रहे धज्जियां,
झोलाछाप कूट रहे चांदी, विभाग के अधिकारियों ने मूंदी आंखें
दौसा. गीजगढ़ कस्बे सहित आसपास के गांवों में झोलाछाप किराए की दुकानों में अनाधिकृत क्लिनिक खोलकर सरकार व प्रशासन के नियमों को किनारे रखकर कोराना गाइड लाइन के नियमों का उल्लंघन करते हुए प्रशासन को ठेंगा दिखाते हुए इलाज कर रहे हैं। क्षेत्र में कोरोना संक्रमित आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो जाने के बाद भी प्रशासन व विभाग इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इससे इनके हौसले बुलन्द होते जा रहे हैं। कालाखो, अम्बाडी, गीजगढ़. बहरावण्डा, अचलपुरा सहित अन्य गांवों में झोलाछाप नीम हकीम अपनी मेडिकल दुकान, अनाधिकृत क्लिनिक व डायग्नोस्टिग सेंटर खोलकर थोड़े से लालच के लिए ही एक साथ अनेक मरीजों को भर्ती कर बिना जांच किए ही ड्रिप, इंजेक्शन व प्रतिबंधित दवा देकर धड़ल्ले से इलाज कर रहे हैं।
वे ना तो खुद के परिवार की, ना ही मरीजों व क्लिनिक के आसपास रहने वाले लोगों के संक्रमण की चिंता कर रहे हैं। इस बारे में विभाग के अधिकारियों को पता होने के बाद भी आंखें मंूदे बैठे हैं। कोरोना जांच के भय से करवा रहे हैं इलाज- ग्रामीण इलाकों में लोगों के खासी, जुकाम होने पर सरकारी अस्पताल में कोरोना जांच करने के भय से झोलाछाप से ही इलाज करा लेते हैं।
जहा झोलेछाप नए नए प्रयोग कर मरीजों की बिना जांच के ही दवा देकर कोरोना संक्रमण को बढ़ावा दे रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पॉजिटिव व मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। गत दिनों भी टीम ने कस्बे में एक झोलाछाप की दुकान को सील करने की कार्रवाई की गई थी।


जांच कर कार्रवाई करेंगे
इस बारे में सीएमएचओ मनीष चौधरी ने बताया कि झोलाछाप पर कार्रवाई करने के लिए ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अधिकृत किया है। डायग्नोस्टिक सेन्टर वाले भी इलाज कर रहे हैं तो गलत है। जांच कर उन पर कार्रवाई की जाएगी।