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श्रीरामपुरा गांव में मिट्टी ढहने से कुएं में दबे दो जने

dausa नब्बे फीट गहराई में ग्रामीणों ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन, दोनों को निकाला बाहर

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श्रीरामपुरा गांव में मिट्टी ढहने से कुएं में दबे दो जने

लालसोट के श्रीरामपुरा गांव के एक कुए में मिट्टी ढहने की घटना में दबे दो जनों का उपचार करते चिकित्सक।

दौसा/लालसोट. क्षेत्र में श्रीरामपुरा गांव में एक बड़ा हादसा होते होते टल गया। यहां एक पुराने कुएं में काम करने के दौरान दो जने करीब नब्बे फीट की गहराई में दस फीट मिट्टी में दब गए। गनीमत यह रही कि घटना के दौरान मौके पर कुछ ग्रामीण भी मौजूद थे, जिन्होंने प्रशासन की मौजूदगी में तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर दोनों जनों को सुरक्षित बाहर निकाल लालसोट सीएचसी पहुंचाया। तहसीलदार सीमा घुणावत ने बताया कि श्रीरामपुरा गांव निवासी दीनदयाल गुप्ता के खेत पर मौजूद करीब 90 फीट गहरे कुए पर बोरवेल के पाइप लगाने का काम चल रहा था। इसी दौरान मिट्टी ढहने से कुए में मौजूद कर्णपुरा गांव निवासी साजी रामखिलाड़ी मीना पुत्र लालूराम मीना एवं मजदूर चिरंजीलाल बैरवा पुत्र मंगलराम बैरवा मिट्टी में दब गए। मिट्टी में दबने के दौरान जब ये दोनों चिल्लाएं तो कुएं पर मौजूद अन्य मजदूरों व ग्रामीणों ने तत्काल मिट्टी खुदाई का काम शुरू कर दिया और मिट्टी हटाकर दोनों को सुरक्षित निकाला। लालसोट उपखण्ड प्रशासन की टीम व थाना प्रभारी अंकेश कुमार पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों जनों को लालसोट सीएचसी पहुंचाया गया। (नि.प्र)
सीएचसी में तैयार मिली चिकित्सकों की टीम : मिट्टी ढहने से दो जनों के दबने की सूचना तहसीलदार द्वारा बीसीएमओ डॉ. धीरज शर्मा को देते ही लालसोट सीएचसी में भी आपात चिकित्सा सेवाओं के पुख्ता प्रबंध किए गए। मौकेे पर डॉ.राजकुमार सेहरा, डॉ. अभिजीत आसिका, डॉ. प्रकाश सेहरा, डॉ. पीसी गुप्ता एवं डॉ. नरेश शर्मा की अगुवाई मेडीकल टीम भी प्रशासन व पुलिस टीम के हॉस्पिटल पहुंचने से पूर्व ही जा पहुंचे और उपचार शुरू कर दिया।

रामनारायण मीना बना फरिश्ता
तहसीलदार ने बताया कि इस पूरी घटना में मौके पर मौजूद एक मजदूर रामनारायण मीना मिट्टी में दबे रामखिलाड़ी व चिरंजी के लिए फरिश्ता बन कर सामने आया है। उन्होंने बताया कि जैसे ही रामनारायण ने कुएं में 90 फीट की गहराई से दोनों की चिल्लाने की आवाज सुनी तो वह अपनी जान की परवाह किए बिना ही मिट्टी ढहने के बाद भी कुएं में उतर गया और डोला मशीन से मिट्टी हटा कर रेस्कयू अभियान चलाया और दोनों की जान बचाई।