
लालसोट के गौरव पथ बायपास पर थोक सब्जी मंडी के बाहर रोड पर जमा सब्जी विक्रेता व अन्य जनों की भीड़।
लालसोट से महेशबिहारी शर्मा
लालसोट (दौसा) . लालसोट उपखण्ड प्रशासन द्वारा गत दिनों शहर में थोक व खेरूज सब्जी मंडी बंद होने के बाद भी सब्जी बेचने के नाम पर हो रहे कोरोबार ने कोरोना गाइड लाइन व लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाकर रख दी है। शहर के गौरव पथ बायपास पर थोक सब्जी मंडी के बाहर प्रतिदिन सुबह छह बजे से नौ बजे तक सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ पहुंच रही है और मौके पर कहीं भी कोरोना गाइड लाइन की पालना का दूर दूर तक पालन भी होता नजर नहीं आ रहा है। गत दिनों भी एक-दो बार यहां मंडी व उपखण्ड प्रशासन की सूचना पर लालसोट पुलिस द्वारा पहुंचकर लोगों को खदेड़ा जा चुका है, लेकिन इन सब्जी विक्रेताओं की मनमानी का आलम जारी है। सुबह भी यहां कुछ ऐसा ही नजारा देखा गया, थोक सब्जी मंडी के बाहर गौरव पथ पर रोड के दोनों तरफ सब्जी विक्रेताओं व खरीदारों का जमावड़ा बना था। इस दौरान कई जने बिना मास्क के नजर आए, सोशल डिस्टेंसिंग तो कोसो दूर तक नहीं दिखी। रोड के तरफ दोनों सब्जी विक्रेताओं का जमावड़ा होने से कई बार जाम के भी हालात बने रहे। गौरतलब है कि लालसोट की थोक फल सब्जी आस पास के कई जिलों की बड़ी मंडियों मेें गिनी जाती है और प्रतिदिन यहां सैकड़ों की सख्या में सब्जी उत्पादक किसान व खेरूज विक्रेता पहुंचते हैं। गत 11 मई से उपखण्ड प्रशासन ने गौरव पथ पर संचालित थोक मंडी व बस स्टैण्ड के पास संचालित खेरुज फल सब्जी मंडी के संचालन को बंद करते शहर में मात्र ठेलों पर ही फल सब्जी बेचे जाने के आदेश जारी किए थे। हालात यह है कि थोक सब्जी में तो दुकानों पर ताले लटके हैं और सन्नाटा पसरा है, लेकिन रोड पर अधिकांश सब्जी विक्रेताओं ने अपनी दुकानें सजा ली है। इसके अलावा मंडी बंद होने से सैकड़ों की संख्या में किसान भी अपनी सब्जियों को रोड पर ही रख बेच रहे हैं।
ठेलों पर वसूले जा रहे है मनमाने दाम
थोक व खेरूज सब्जी मंडी बंद होने के बाद ठेलों पर सब्जी बेचने वालों की चांदी हो गई है। जहां एक ओर थोक मंडी बंद होने से सब्जी उत्पादक किसान अपनी मेहनत को औने पौने दामों में बेचने पर मजबूर है तो ठेलों पर सब्जी बेचने वाले मनमाने दाम वसूल रहे है। मंडी बंद होने से पूर्व टमाटर, लौकी समेत कई सब्जियों के दाम थोक में मात्र एक-दो रुपए किलो थे और खेरूज में काफी दम दामों पर सब्जियां मिल रही थी, लेकिन अब शहर में ठेलों पर टमाटर व लौकी को भी बीस से तीस रुपए किलों तक बेचा जा रहा है। लोगों का कहना है कि खेरूज मंडी बंद होने से ठेलों वाले मनमाने दामों पर सब्जियां बेच रहे हैं और वे खरीदने पर मजबूर हैं। लोगों ने बताया कि प्रशासन को किसानों व आमजन के हित को देखते हुए प्रतिदिन एक निर्धारित समय के लिए थोक व खेरूज मंडियों को खोलने की अनुमति प्रदान करें।
करेंगे कार्रवाई
एसडीएम गोपाल जांगिड़ ने बताया कि प्रशासन व पुलिस द्वारा कई बार कार्रवाई भी गई है, लोगों को मौके से हटाया गया है। अब थोक मंडी के दोबारा संचालन पर विचार हो रहा है। मंडी का संचालन नहीं होने तक रोड पर जमा होने वाले सब्जी विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
22 May 2021 01:40 pm
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