
परेड के निरीक्षण के लिए वाहन खड़ा रहा, लेकिन 'साहब' नहीं आए
दौसा. राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस की फाइनल रिहर्सल को लेकर रविवार सुबह प्रशासन की गफलत सामने आई। प्रतिवर्ष 24 जनवरी को फाइनल रिहर्सल का आयोजन किया जाता है। तय कार्यक्रम के अनुसार निर्धारित समय पर उद्घोषक व अन्य कर्मचारी पहुंच गए। साथ ही परेड का निरीक्षण लेने वाले मुख्य अतिथि के लिए स्पेशल गाड़ी भी आ गई, लेकिन मुख्य अतिथि के रूप में प्रशासन का कोई अधिकारी नहीं आया और ना ही पुलिस के जवान परेड के लिए पहुंचे। राष्ट्रीय पर्व को लेकर इस तरह की गफलत चर्चा का विषय बन गई।
जानकारों की मानें तो जिले के इतिहास में इस वर्ष यह पहला मौका था जब गणतंत्र दिवस पर्व की फाइनल रिहर्सल तय समय पर नहीं हो पाई। समारोह की तैयारियों को लेकर आयोजित की गई बैठकों के दौरान फाइनल रिहर्सल का कार्यक्रम तय किया गया था। इसके चलते रविवार को शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों के कई कर्मचारी पहुंच गए। मुख्य अतिथि का वाहन भी पहुंच गया, लेकिन अतिथि व जवानों के नहीं आने से मौजूद कर्मचारी भी पसोपेश में नजर आए।
गौरतलब है कि फुल डे्रस फाइनल रिहर्सल का उद्देश्य यह होता है कि गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह को लेकर प्रशासन को कोई जिम्मेदार अधिकारी समयबद्ध पूरी तैयारी को हू-ब-हू परख ले। कहीं कोई कमी नजर आए तो उसे दुरुस्त करा दें। देशभर में रिहर्सल को समारोह से दो-तीन दिन पहले इसलिए भी आयोजित किया जाता है कि जवान व ब"ो सहित समारोह में भागीदारी निभाने वाले कर्मचारी अपनी ड्रेस धुलवाकर तैयारी पूरी कर लें।
दौसा में अधिकतर अतिरिक्त जिला कलक्टर रिहर्सल में मुख्य अतिथि के रूप में जायजा लेते हैं। अब प्रशासन 25 जनवरी को रिहर्सल कराने की बात कह रहा है, लेकिन इससे जवानों के सामने अपनी वर्दी व ***** आदि तैयार करने के लिए समय कम रहेगा। वहीं अगर रिहर्सल में कोई कमी सामने आई तो उसे सुधारने के लिए अतिरिक्त दिन भी नहीं मिलेगा।
इनका कहना है...
पुलिस जाप्ता को लेकर कुछ इश्यू थे, इसलिए आज सुबह नौ बजे से फाइनल रिहर्सल हो जाएगी।
पीयुष समारिया, जिला कलक्टर दौसा
Published on:
25 Jan 2021 10:14 am
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