दौसा. जिला मुख्यालय पर पुर्नगठित पेयजल योजना के लिए सर्वे शुरू हो गया है। इसके आधार पर दो-तीन माह में डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। रिपोर्ट को स्वीकृति मिलने पर दौसा शहर में पेयजल वितरण व्यवस्था का ढांचा बदल जाएगा। सालों पहले डाली गई जर्जर लाइनों से मुक्ति मिलेगी। साथ ही पेयजल योजना से वंचित नई कॉलोनियों में लाइनें बिछ जाएंगी। नई टंकियां व पंप हाउस बनेंगे। यूं कहा जा सकता है कि पेयजल सप्लाई का नया नेटवर्क तैयार हो जाएगा। हालांकि पानी ईसरदा प्रोजेक्ट के पूरा होने पर मिलेगा, लेकिन प्रोजेक्ट के साथ-साथ ही पेयजल वितरण का ढांचा तैयार कर लिया जाएगा तो आगामी दो-तीन सालों में दौसा शहर की पेयजल व्यवस्था में सुधार देखने को मिल सकता है। गौरतलब है कि ईसरदा बांध परियोजना के साथ पेयजल वितरण योजना का काम भी साथ चालू करने के लिए विधायक मुरारीलाल मीना ने मुख्यमंत्री से मिलकर प्रयास किए थे।
जिला मुख्यालय पर सर्वे के लिए करीब दस लाख रुपए का ठेका जारी कर एक कंपनी को काम सौंपा गया है। दौसा नगर परिषद क्षेत्र में करीब 2500 हैक्टेयर एरिया है। इसके अंदर पाइप लाइनों का नया जाल बिछाने, पेयजल सप्लाई के लि उच्च जलाशय, स्टोरेज टैंक, पंप हाउस आदि का पूरा प्लान ईसरदा पेयजल योजना से मिलने वाले पानी के अनुसार तैयार किया जा रहा है।