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दौसा. मावठ से बढ़ी सर्दी, फसलों को लाभ, लोग घरों में दुबके रहे

dausa छाए रहे बादल

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  दौसा.  मावठ से बढ़ी सर्दी, फसलों को लाभ, लोग घरों में दुबके रहे

दौसा. बूंदाबांदी के बीच गुजरते वाहन।

दौसा. जिले के कई इलाकों में मावठ होने से सर्दी बढ़ गई। वहीं रबी की फसलों को फायदा पहुंचा है। कृषि अधिकारी एवं किसानों की माने तो इस समय रबी की गेहूं, जौ, सरसों एवं चने की फसलों में बूंदाबांदी बहुत फायदेमंद है। जिला मुख्यालय पर दोपहर करीब 12 बजे से देर शाम तक बूंदाबांदी का दौर रुक-रुक कर चलता रहा। बारिश के चलते सड़कों पर रौनक भी कम रही। सर्दी बढऩे से लोग घरों में ही दुबके रहे। शाम को बाजारों में दुकानें जल्दी बंद हो गई। दिनभर बादलों की घटाएं छाई रही। तापमान का पारा भी गिरकर अधिकतम 20 व न्यूनतम 15 तक पहुंच गया। कृषि अधिकारी अशोक मीना ने बताया कि शीत ऋतु में होने वाली बारिश को मावठ कहा जाता है। इस मावठ से सरसों, चना, गेहूं आदि फसलों में फायदा है। जिन इलाकों में सिंचाई के लिए पानी की कमी रहती है, वहां पर लाभ अधिक होगा।

अलाव का लिया सहारा
दिनभर सूर्य के दर्शन नहीं होने के कारण लोगों को ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेना पड़ा। कई जगह वाहन चालक तापते नजर आए। लोगों ने गर्म कपड़े, मफलर-टोपे, शॉल, कंबल, रजाइयां आदि निकाल ली।


बृहस्पति से बड़े ग्रह की खोज में दौसा की छात्रा वैज्ञानिक ने किया टीम का नेतृत्व
दौसा. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के संस्थान पीआरएल अहमदाबाद की टीम ने हाल ही में बृहस्पति से भी बड़े ग्रह की खोज की है। इसमें दौसा के लवाण निवासी छात्रा वैज्ञानिक आकांक्षा खण्डेलवाल ने टीम को लीड कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस कार्य को नासा ने भी मंजूरी प्रदान की है।
गौरतलब है कि लवाण के व्यवसायी हरिओम खण्डेलवाल की पुत्री आकांक्षा अंतरिक्ष विभाग के रिसर्च संस्थान पीआरएल में पीएचडी कर रही है। यह खोज आकांक्षा ने गाइड अभिजीत चक्रवर्ती व टीम सदस्यों के साथ यूरोप व यूएसए के सहयोग से की है।
आकांक्षा ने बताया कि 725 प्रकाश वर्ष दूर तारे टीओआई-1789 के परिक्रमा करते हुए ग्रह (हॉट ज्यूपिटर) की खोज की गई है। यह हमारे सौरमंडल के बृहस्पति ग्रह से 1.4 गुना बड़ा व 0.70 गुना भारी है। छात्रा वैज्ञानिक ने बताया कि इस ग्रह की खोज मार्च 2021 में हो गई थी, लेकिन भारत सरकार से हाल ही में स्वीकृति मिली तथा अन्तराष्ट्रीय जर्नल में भी प्रकाशित हुआ है। दौसा के लवाण स्थित हिंदी माध्यम के स्कूल से पढ़ी हुई होनहार आकांक्षा कल्पना चावला को रोल मॉडल मानती है तथा सफलता का श्रेय परिजनों व टीम को देती हैं।