रोडवेज बस में हुआ महिला का प्रसव, बच्ची को दिया जन्म

dausa प्रसूता को बस से हिंडौन से जयपुर ले जा रहे थे परिजन

By: Rajendra Jain

Published: 26 Sep 2021, 08:29 AM IST

दौसा/सिकंदरा. सरकार ने भले महिलाओं के प्रसव को लेकर जननी सुरक्षा योजना सहित कई योजनाएं संचालित की हुई हो, लेकिन लेकिन अभी भी महिलाओं को प्रसव में मुश्किल और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही नजारा सिकंदरा में शनिवार को देखने को मिला। जब कस्बे में एक महिला का रोडवेज बस में प्रसव होने का मामला सामने आया। परिजन महिला को डिलीवरी के लिए बस से हिंडौन से जयपुर अस्पताल में लेकर जा रहे थे।
सिकंदरा के समीप बस में प्रसव पीड़ा होने पर चालक ने आनन-फानन में बस से सवारियों को नीचे उतार कर बस को राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरा में लेकर पहुंचा, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पूर्व ही महिला का प्रसव हो गया। सूचना पर चिकित्साकर्मियों ने अस्पताल के बाहर सड़क पर खड़ी बस में प्रसूता को संभाला। इसके बाद महिला को सिकंदरा सीएचसी में भर्ती किया गया।
मंजीता देवी 30 पत्नी शिशुपाल सिंह निवासी हिंडौन को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने हिंडौन के निजी अस्पताल में दिखाया था। जहां पर चिकित्सक ने जयपुर ले जाकर उपचार कराने की बात कही। इस पर महिला का पति व सास महिला को रोडवेज बस से जयपुर लेकर जा रहे थे। इसी बीच रास्ते में सिकंदरा टोल प्लाजा के समीप महिलाओं को प्रसव पीड़ा बढ़ गई। परिजनों ने चालक को इस बात की जानकारी दी तो चालक ने बस से सभी सवारियों को टोल प्लाजा पर उतार दिया तथा बस को लेकर राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरा पहुंचा।
जहां पर पुलिसकर्मी सज्जन सिंह गुर्जर ने तुरंत अस्पताल से चिकित्सा कर्मियों को सूचना दी। सूचना पर नर्स स्टाफ कमलेश यादव ने बस में महिला को देखा तो महिला का प्रसव हो चुका था। नर्स स्टाफ ने बताया कि पहुंचने से पहले ही महिला ने लड़की को जन्म दे दिया था। चिकित्सा कर्मियों ने महिला को प्रसव करवाने के बाद अस्पताल में भर्ती किया। जहां पर चिकित्सकों ने महिला के बच्ची का वजन कम होने के कारण जिला अस्पताल रैफर किया है। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।


ड्यूटी को लेकर शिक्षा कार्यालय में रही गहमा-गहमी
दौसा. रीट परीक्षा में वीक्षक नियुक्ति को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक कार्यालय में शनिवार को दिनभर गहमा-गहमी रही। कुछ निजी केन्द्र संचालकों ने वीक्षक नहीं पहुंचने सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर शोर-शराब भी किया। वहीं कार्यालय के कार्मिकों में भी आपस में मनमुटाव की खबरें भी आई। जानकारी के अनुसार वीक्षक नियुक्ति में एक अधिकारी पर मनमानी के आरोप लग रहे हैं। इससे कई केन्द्र संचालकों व विभाग के अधिकारी-कार्मिक नाराज हैं। गर्भवती महिलाओं से लेकर गंभीर रोग से पीडि़तों की भी वीक्षक के रूप में ड्यूटी लगा दी।
केन्द्रों पर ऐसे कार्मिकों के नहीं पहुंचने से केन्द्राधीक्षक परेशान होकर डीईओ कार्यालय में फोन घनघनाते रहे। ऐसे में दोपहर को संशोधित सूची जारी करनी पड़ी। इधर, डीईओ माध्यमिक घनश्याम मीना ने बताया कि शोर-शराबे जैसी कोई बात नहीं है। जिन कार्मिकों को ड्यूटी से नियमानुसार राहत मिली हुई थी और उनकी ड्यूटी लगने पर हटाकर संशोधन कर दिया गया। एक निजी स्कूल संचालक ने परीक्षा कराने में असमर्थता जताई तो वहां केन्द्राधीक्षक भी सरकारी लगा दिया। सभी परीक्षा केन्द्रों पर रेंडमाइजेशन कर सरकारी वीक्षक लगाए हैं।

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