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Women’s Day: सपना सोनी: दर्द की राह पर कविताओं का सफर

Women's Day: Sapna Soni The National poetess: राष्ट्रीय कवियित्री के रूप में पहचान बना चुकी दौसा की सपना सोनी मातृशक्ति के रूप में प्रेरणादायक उदाहरण हैं

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Women's Day: सपना सोनी: दर्द की राह पर कविताओं का सफर

Women's Day: सपना सोनी: दर्द की राह पर कविताओं का सफर

दौसा. नारी तू नारायणी... चलता तुझसे ही संसार... हर इंसा की हिम्मत और शक्ति... जो हर मुश्किल हो सहज बना दे। नारी की महिमा को बखान करती यह पंक्तियां आधुनिक युग में सार्थक नजर आती हैं। महिला सशक्तिकरण के दौर में हर क्षेत्र में महिलाएं आगे आ रही हैं। दौसा जिले में भी कई महिला प्रतिभाएं देश-प्रदेश में नाम रोशन कर रही हैं। अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर जानिए अनूठा व लीक से हटकर कार्य करने वाली दौसा जिले की कुछ नारीशक्ति के बारे में।


असामान्य बेटी की जिंदगी के 8 साल ने एक मां को काव्य पथ पर अग्रसर कर दिया है। राष्ट्रीय कवियित्री के रूप में पहचान बना चुकी दौसा की सपना सोनी मातृशक्ति के रूप में प्रेरणादायक उदाहरण हैं। यूं तो सोनी को कविताओं का शौक बचपन से ही था, लेकिन वह मात्र अपने तक सीमित रहा। 2006 में शादी हो गई तथा एक साल बाद असामान्य पुत्री श्रेया का जन्म हुआ। 2015 में श्रेया का देहांत होने तक के बीच के सफर में बेटी का दर्द देखकर सपना सोनी कविताएं लिखने लगी। इन कविताओं को सोशल मीडिया पर शेयर किया। इससे प्रभावित होकर कई साहित्यिक संस्थाओं ने उनको जोड़ लिया। कार्यक्रमों में बुलाने लगे।

Women's Day: Sapna Soni The National poetess

धीरे-धीरे सपना कवियित्री के रूप में आगे बढ़ती गई और इन पांच सालों में करीब 500 कवि सम्मेलन में प्रस्तुति दे चुकी हैं। कवि प्रवीण शुक्ल, कुंवर बैचेन, मंगल नसीम आदि उनको प्रेरित करते हैं। ख्यातनाम कवि राहत इंदोरी, सुरेन्द्र शर्मा, अशोक चक्रधर, हरिओम पंवार आदि के साथ वे मंच शेयर कर चुकी हैं। अब कुमार विश्वास के साथ कार्यक्रम प्रस्तावित है। उन्होंने बेटी को समर्पित 'मन का झरनाÓ पुस्तक भी लिखी है।


सपना के पिता संतोष कुमार वर्मा लेखक थे तथा उन्हीं को देखकर वे प्रेरित हुई। अब वे देशभर में कवि सम्मेलनों में शृंगार रस की कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करती हैं। सपना का कहना हैकि साहित्य समाज का हित है। प्रत्येक व्यक्ति की भावना को कविता में समेटकर वे प्रस्तुत करने का प्रयास करती हैं। पति मनोज सोनी सहित परिवारजनों के सपोर्ट से ही वे आगे बढ़ पाई। सपना का कहना है कि कवि सम्मेलन रात के समय होते हैं। घर से बाहर वे अपने को मजबूत बनाकर निकलती हैं। लड़कियों व महिलाओं को सपना सोनी संदेश देना चाहती हैं कि अपने ताकत को पहचाने तथा निडर होकर आगे बढ़ें।

Women's Day: Sapna Soni The National poetess