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अंकिता भंडारी केस में उठा नया तूफान, VIP एंगल पर दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा आदेश, सीएम ने कहा…

अंकिता भंडारी हत्याकांड में मई 2025 में दोषियों को उम्रकैद की सजा मिल चुकी है, लेकिन जनवरी 2026 में सामने आए VIP एंगल ने फिर विवाद खड़ा कर दिया।

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अंकिता भंडारी केस में नया तूफान!

अंकिता भंडारी केस में नया तूफान! Source- X

Ankita Bhandari Case: सितंबर 2022 में उत्तराखंड के रिशिकेश के पास वनंत्रा रिसॉर्ट में काम करने वाली 19 साल की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई। कारण था अंकिता का 'एक्स्ट्रा सर्विस' देने से इनकार करना। पिता नौकरी जाने के बाद अंकिता भंडारी ने रिसेप्शनिस्ट का काम शुरू किया, लेकिन मात्र 1 महीने में ही उसकी हत्या कर दी गई। रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य (पूर्व भाजपा नेता विनोद आर्य का बेटा) और उसके दो साथी सौरभ भास्कर व अंकित गुप्ता ने अंकिता को नहर में धक्का दे दिया और उसकी मौत हो गई। मई 2025 में कोटद्वार कोर्ट ने तीनों को उम्रकैद की सजा सुना दी, लेकिन अब इस केस में फिर से नया ट्विस्ट सामने आया है।

क्या है नया विवाद और कैसे हुआ शुरू?

जनवरी 2026 में अभिनेत्री उर्मिला सनावर (पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की पत्नी) ने वीडियो और ऑडियो जारी किए। इसमें दावा किया गया कि केस में एक 'VIP' (नाम 'गट्टू') शामिल था, जो भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम है। वीडियो और ऑडियो वायरल होते ही उत्तराखंड में प्रदर्शन शुरू हो गए। कांग्रेस, AAP और कई संगठनों ने CBI जांच की मांग की। देहरादून से दिल्ली तक विरोध हुए। पुलिस ने VIP एंगल को खारिज किया और कहा कि चैट वाला व्यक्ति नोएडा का धमेंद्र कुमार था, जो सिर्फ खाना खाने आया था।

दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला

7 जनवरी 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट ने कांग्रेस और AAP को निर्देश दिया कि दुष्यंत गौतम को अंकिता केस से जोड़ने वाली सोशल मीडिया पोस्ट 24 घंटे में हटा दें। कोर्ट ने इसे मानहानिकारक बताया। आगे ऐसी पोस्ट करने पर रोक लगाई। गौतम ने मानहानि का मुकदमा दायर किया था।

CM धामी ने केस पर दिया बयान

उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोर्ट के फैसले पर कहा, "कानूनी कार्रवाई अपने स्तर पर चलती रहेगी। दिल्ली हाई कोर्ट का निर्णय आया है। अन्य आवश्यक कानूनी कदमों पर हम विचार कर रहे हैं। राज्य का काफी समय बर्बाद किया गया। योजनाओं से लोगों को भ्रमित करने और अवरोध पैदा करने का काम हुआ। जिम्मेदार लोगों को उत्तराखंड की जनता से माफी मांगनी चाहिए।" धामी ने पहले कहा था कि वे अंकिता के परिवार से मिलेंगे और हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं। 8 जनवरी को उन्होंने परिवार से मुलाकात कर न्याय का भरोसा दिलाया। केस में दोषियों की सजा बरकरार है, लेकिन VIP एंगल पर विवाद से राजनीति गरमा गई है। पूरे राज्य में प्रदर्शन जारी हैं। पुलिस और सरकार का कहना है कि अगर सबूत मिलें, तो CBI जांच होगी।