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NCERT की नकली किताबों की देश भर में सप्लाई की साजिश बेनकाब, गोदाम और ट्रक सील

Fake Books Exposed : देश भर में एनसीईआरटी की नकली किताबों की सप्लाई के जरिए भविष्य से खिलवाड़ की साजिश बेपर्दा हुई है। पुलिस प्रशासन की टीम ने एक गोदाम से एनसीईआरटी की करीब चार करोड़ की नकली किताबें बरामद की हैं। नकली किताबों के इस गोदाम को सील कर दिया गया है।
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देहरादून

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Naveen Bhatt

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Updated: 16 Mar 2026, 7:39 AM IST

A huge cache of fake NCERT books has been recovered in Rudrapur

रुद्रपुर में एनसीईआरटी की नकली किताबों का जखीरा बरामद हुआ है

Fake Books Exposed : नए शिक्षा सत्र में एनसीईआरटी की नकली किताबें खपाने की साजिश का भंडाफोड़ हुआ है। ये मामला उत्तराखंड के रुद्रपुर का है। शनिवार रात रुद्रपुर पुलिस ने किताबों से भरा एक ट्रक पकड़ा। पुलिस जांच में बिल संदिग्ध पाए गए। इस पर पुलिस ने ट्रक ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। उसके बाद चालक की निशानदेही पर पुलिस और शिक्षा विभाग की टीम ने कीरतपुर स्थित नकली किताबों के गोदाम पर छापा मारा। गोदाम में कक्षा एक से 12वीं तक की किताबों का जखीरा रखा हुआ था। यहां पर करीब चार करोड़ रुपये की नकली किताबें रखी हुई थी। जांच में सामने आया है कि इन किताबों को ट्रकों के जरिए मेरठ भेजने की तैयारी चल रही है। इतना ही नहीं नकली किताबों को यूपी, छत्तीसगढ़, तलंगाना समेत अन्य राज्यों में भी भेजा जा रहा था। तहसीलदार दिनेश कुटोला के मुताबिक ट्रक और गोदाम को सीज कर दिया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेन्द्र कुमार मिश्रा के मुताबिक एनसीईआरटी मुख्यालय को पत्र भेजकर जांच के लिए टीम भेजने का आग्रह किया जा रहा है। बताया कि जल्द ही इसका खुलासा हो जाएगा।

शिक्षा सत्र में खपाने की थी तैयारी

एनसीईआरटी की नकली किताबों का जखीरा बरामद होने से हड़कंप मचा हुआ है। जांच में सामने आया है कि करीब एक हजार वर्ग मीटर के गोदाम को मालिक राजेश जैन ने सदीप को एक जनवरी से 30 नवंबर तक किराए पर दिया था। आशंका है कि यह गोदाम नकली किताबों के गिरोह के नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले बाजार में बड़ी मात्रा में नकली किताबें खपाने का अंदेशा है। बता दें कि एनसीईआरटी अपनी किताबों का प्रकाशन और वितरण क्षेत्रीय केंद्रों, राज्य शिक्षा विभागों, अधिकृत थोक विक्रेताओं और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से करता है।

सस्ते दाम का लालच

रुद्रपुर में पकड़ी गई एनसीईआरटी  की नकली किताबों ने अभिभावकों को भी सोच में डाल दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि नकली किताबों का यह धंधा लंबे समय से देश के कई हिस्सों में सक्रिय है, जहां सस्ते दामों का लालच देकर बाजार में इन पुस्तकों को खपाया जाता है।असली किताबों की तुलना में नकली एनसीईआरटी पुस्तकें अक्सर कम गुणवत्ता वाले कागज और खराब छपाई के साथ तैयार की जाती हैं। कई बार इनमें पाठ्य सामग्री में भी त्रुटियां होती हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है। इसके बावजूद कम कीमत के कारण कुछ थोक व्यापारी और दुकानदार इन्हें खरीदकर बाजार में बेच देते हैं।

एनसीईआरटी की किताबों की पहचान

विशेषज्ञों के मुताबिक असली एनसीईआरटी किताबों की पहचान के लिए मुख्य रूप से फ्रंट कवर पर लोगो, होलोग्राम और हर दूसरे-तीसरे पन्ने पर हल्का वाटरमार्क (लोगो के साथ) होता है। असली पुस्तकें अच्छी गुणवत्ता वाले सफेद कागज पर मुद्रित होती हैं। असली किताबों की छपाई और तस्वीरें साफ और शार्प होती हैं।

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