26 मार्च 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Global Crisis :  पीएम मोदी ने कल बुलाई बड़ी बैठक, सभी राज्यों के मुख्य सचिव होंगे शामिल, जानें क्या होंगे एजेंडे

Global Crisis : ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच चल रहे भीषण युद्ध को देखते हुए पीएमओ ने कल दिल्ली में बड़ी बैठक बुलाई है। बैठक में देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिव और आला अधिकारी शामिल होंगे। पीएमओ ने उत्तराखंड को भी इस संबंध में पत्र भेज बैठक के एजेंडों की तैयारी करने को कहा है।

1 minute read
Google source verification
PM Narendra Modi has called a meeting of Chief Secretaries of all states in the PMO tomorrow

पीएम नरेंद्र मोदी

Global Crisis : ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण देश में एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम पदार्थों की कमी होने लगी है। लगातार तेल के दाम भी बढ़ रहे हैं। एलपीजी के लिए कतारें बढ़ती जा रही हैं। इसे लेकर कल पीएम ने सर्वदलीय बैठक भी बुलाई थी, जिसमें विपक्ष ने भी सरकार का साथ दिया। इधर, इसी बीच अब शुक्रवार को दिल्ली में पीएम बड़ी बैठक करने जा रहे हैं। बैठक में बडे अधिकारियों और सभी राज्यों में मुख्य सचिव आमंत्रित किए गए हैं। बैठक में भविष्य की संभावनाओं और विश्व की मौजूदा परिस्थतियों का भारत पर पड़ने वाले असर पर चर्चा की जाएगी। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने पीएमओ से पत्र आने की पुष्टि की है। मुख्य सचिव के मुताबिक कल पीएम मोदी देशभर के अधिकारियों और मुख्य सचिवों के साथ बैठक करने जा रहे हैं। इनमें सभी राज्यों का शामिल होना अनिवार्य किया गया है।

वैश्विक संकट से निपटने पर होगा मंथन

पश्चिमी एशिया संकट के बीच कल पीएम नरेंद्र मोदी आला अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इस युद्ध के कारण समूचे विश्व के बाजार प्रभावित हो रहे हैं। महायुद्ध के बीच विश्व भर में पेट्रोलियम पदार्थों की कमी होने लगी है। इसका सीधा असर देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ रहा है। इससे लोगों को परेशानियां उठानी पड़ रही है। बाजार मंदे चल रहे हैं। होटल-ढाबे बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इसी बीच अब पीएम मोदी कल राज्यों के आला अधिकारियों के साथ बैठक करने जा रहे हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य मौजूदा वैश्विक संकट के बीच देश के विभिन्न राज्यों की तैयारियों का आकलन करना और आवश्यक दिशा-निर्देश देना है।  ये कोशिश कीविशेष रूप से यह जानने की कोशिश की जाएगी कि यदि आपूर्ति श्रृंखला में बाधा आती है, तो राज्यों को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।