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बाहर से दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों का करें इलाज, उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री की चेतावनी से हड़कंप

Minister's Warning : स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को मरीजों के लिए बाहर से दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों का इलाज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि मरीजों से लूट-खसोट करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नव नियुक्त स्वास्थ्य मंत्री के तेवरों से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

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Health Minister Subodh Uniyal has issued a strict warning to doctors who prescribe medicines from outside medical stores

स्वास्थ्य मंत्री ने बाहर की दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों को सख्त चेतावनी दी है

Minister's Warning : बाहर से दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों की अब खैर नहीं है। बता दें कि उत्तराखंड कई सरकारी अस्पतालों में बाहर से दवाएं लिखने का खेल लंबे समय से चल रहा है। मेडिकल स्टोर संचालकों से मिलीभगत करके कई डॉक्टर मरीजों के लिए ऐसी दवाएं लिखवाते हैं जोकि अस्पताल में मिलती ही नहीं। उस प्रकार की दवाएं खास मेडिकल स्टोरों पर ही उपलब्ध होती हैं। डॉक्टरों की पर्ची के आधार पर बेवस मरीजों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ती हैं। लंबे समय से इस प्रकार की शिकायतें समाने आ रही हैं। इन शिकायतों को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने मरीजों के लिए बाहर से दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों को बड़ी चेतावनी दी है। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कल दून अस्पताल में छह नई सुविधाओं का उदघाटन करने के दौरान अफसरों को निर्देश दिए कि बाहर से दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों का तगड़ा इलाज करें।

लापरवाहों पर होगी कार्रवाई

स्वास्थ्य मंत्री ने ने दून अस्पताल में छह नई सुविधाओं का उदघाटन किया। उसके बाद उन्होंने अस्पताल के अफसरों और विभागों के प्रमुखों की बैठक ली। मंत्री ने कहा कि उन्हें शिकायत मिल रही है कि सरकारी डॉक्टर बाहर की दवाएं लिख रहे हैं। उन्होंने तत्काल ऐसे डॉक्टरों को चिह्नित करने के निर्देश भी जारी किए। कहा कि ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कहा कि निजी अस्पतालों में ज्यादा खर्चा होने, भुगतान न होने पर डेड बॉडी तक नहीं देने की शिकायतें होती हैं, पर फिर भी वहां मरीजों की भरमार है। सरकारी अस्पताल में डॉक्टर बढ़िया हैं। दवाएं फ्री हैं। सुविधाएं बढ़ रही हैं, इसके बाद भी लोग निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं, जोकि चिंताजनक है।

सरकारी अस्पतालों में बढ़ाए विश्वास

मरीजों का निजी अस्पतालों से बढ़ता मोह चिंता का विषय बन गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि  ऐसा क्यों हो रहा है, इस पर गहन मंथन की आवश्यकता है। कहा कि लोगों में सरकारी अस्पतालों का विश्वास कायम करना होगा। अफसरों-डॉक्टरों में क्षमताएं हैं, उनका प्रयोग कर भरोसा जीतें। उन्होंने कहा कि सफाई में लापरवाही, बाहर की दवा लिखने व बेवजह रेफर करना, वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रदेश में स्वास्थ्य-शिक्षा पर सबसे ज्यादा बजट खर्च होता है। दो टूक कहा कि  मैं हेल्थ सिस्टम को सुधारना चाहता हूं। अस्पताल में पार्किंग, यूनिटों के लिए जगह की दिक्कत का समाधान जल्द होगा। सुपर स्पेशलिटी डॉक्टरों की भी जल्द भर्ती की जाएगी।