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रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन से गदगद हुए सीएम धामी, PM मोदी के नाम से हुई पहली पूजा

Kedarnath Kapat Opening 2026: देवभूमि उत्तराखंड की चोटियों पर आज सुबह भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। बुधवार सुबह 8 बजे शुभ मुहूर्त में श्री केदारनाथ धाम के कपाट पूरे विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।

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केदारनाथ धाम पहुंचे सीएम धामी। photo credit (@pushkardhami)

केदारनाथ धाम के कपाट खुलते ही पूरा केदारपुरी धाम 'हर-हर महादेव' और 'जय श्री केदार' के उद्घोष से गूंज उठा। सिख रेजीमेंट के बैंड की मधुर धुनों और हेलीकॉप्टर से हुई पुष्प वर्षा ने इस दिव्य क्षण को अलौकिक बना दिया। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जिन्होंने खुद मुख्य द्वार पर उपस्थित रहकर बाबा का स्वागत किया।

51 क्विंटल फूलों से महकी केदारपुरी

कपाट खुलने के विशेष अवसर पर केदारनाथ मंदिर को 51 क्विंटल से अधिक ताजे फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। जैसे ही कपाट खुले, आसमान से फूलों की बारिश हुई, जिसे देख श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

'रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन' पर बोले सीएम: देवभूमि है तैयार

मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम धामी ने इस वर्ष की यात्रा को लेकर बड़ा उत्साह जताया। उन्होंने कहा कि इस बार श्रद्धालुओं की ओर से रिकॉर्ड संख्या में पंजीकरण (Registration) हुए हैं, जो हर साल एक नया कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। सीएम ने श्रद्धालुओं से एक खास अपील भी की। उन्होंने कहा, "बाबा की कृपा से यात्रियों की संख्या बढ़ रही है, देवभूमि सभी का स्वागत करने के लिए तैयार है। लेकिन मेरी प्रार्थना है कि श्रद्धालु स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। यात्रा के नियमों का पालन करें और इस पवित्र स्थान पर गंदगी न होने दें।"

PM मोदी के मार्गदर्शन में हुआ भव्य पुनर्निर्माण

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बाबा केदार का 'अनन्य भक्त' बताते हुए उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि साल 2013 की भीषण आपदा के बाद पीएम मोदी के मार्गदर्शन में ही धाम का भव्य और दिव्य पुनर्निर्माण संभव हो सका है, जो आज पूरी दुनिया के श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।

सुगम और सुरक्षित यात्रा के लिए पुख्ता इंतजाम

राज्य सरकार ने इस वर्ष की चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं। मंदिर प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा या असुविधा न हो। सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी संवेदनशील मार्गों पर विशेष टीमें तैनात की गई हैं।