
हरिद्वार में सरकारी भूमि पर बनी अवैध मजार को ध्वस्त करता बुल्डोजर। सोर्स: ANI
उत्तराखंड की धामी सरकार ने देवभूमि के सांस्कृतिक स्वरूप को संरक्षित करने के अपने संकल्प को दोहराते हुए हरिद्वार में एक और बड़ी कार्रवाई की है। हरिद्वार के सुमन नगर क्षेत्र में सिंचाई विभाग की सरकारी भूमि पर कब्जा कर बनाई गई एक अवैध मजार को प्रशासन ने बुलडोजरों से जमींदोज कर दिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि ध्वस्तीकरण के बाद इस ढांचे के नीचे किसी भी प्रकार की कोई प्राचीन संरचना नहीं पाई गई।
यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई, बल्कि पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई। हरिद्वार जिला प्रशासन ने सुमन नगर स्थित सिंचाई विभाग की इस विवादित जमीन पर नोटिस चस्पा कर खादिमों को भूमि के मालिकाना हक और निर्माण से संबंधित दस्तावेज पेश करने के लिए एक महीने का समय दिया था।
तय समय सीमा बीत जाने के बावजूद जब कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं किया गया, तो प्रशासन ने एक्शन का निर्णय लिया। बुधवार सुबह भारी पुलिस बल और एसडीएम जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में बुलडोजर ने अवैध ढांचे को ढहा दिया। कार्रवाई से पहले ही खादिमों ने अपना सामान स्वेच्छा से वहां से हटा लिया था।
सरकार के आंकड़ों के अनुसार, अब तक राज्य भर में लगभग 600 ऐसी अवैध संरचनाओं को हटाया जा चुका है। सीएम धामी का कहना है कि हरिद्वार जैसे सनातन और सांस्कृतिक केंद्रों का स्वरूप बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि कई जगहों पर सरकारी जमीन दबाकर हरी-नीली चादर बिछाकर जो धंधा चलाया जा रहा था, उसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाने का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। सिंचाई विभाग की भूमि को पूरी तरह कब्जा मुक्त कराने के लिए सभी विधिक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद ही यह ध्वस्तीकरण किया गया है। मौके पर मौजूद एसडीएम ने पुष्टि की कि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।
Published on:
22 Apr 2026 11:30 am
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