उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में रविवार को बड़ी घटना घटी है। यहां पर पहाड़ी दरकने से वाहन सवार नौ लोगों के जिंदा दफन होने की आशंका जताई जा रही है, जिनमें से एक शव बरामद कर लिया गया है। सेना और एनडीआरएफ भी रेस्क्यू में जुटी हुई है।
रविवार उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के लिए मनहूस खबर लेकर आया। जानकारी के मुताबिक एक बोलेरो कैंफर में चालक सहित नौ लोग सवार होकर करीब 40 किमी आगे आ गए थे। पिथौरागढ़ के धारचूला-गुंजी सड़क पर थक्ती झरने के समीप पहाड़ी से गिरे विशालकाय चट्टान की चपेट में आने से बोलेरो कैंपर दब गया। हादसे में चालक सहित करीब नौ लोग पहाड़ी के मलबे में जिंदा दफन हो गए। सूचना मिलते ही सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन ने सड़क के दोनों ओर से रेस्क्यू शुरू कर दिया था। देर शाम रेस्क्यू टीम ने मलबे में दफन एक शव बरामद कर लिया था। रात के अंधेरे में मलबे के बीच जिंदगियां तलाशना मुश्किल हो गया था। एसडीएम दिवेश शासनीे ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। उन्होंने बतााया कि सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ मौके पर है। बताया कि रेस्क्यू लगातार जारी है।
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सेना, एसएसबी भी जुटे रेस्क्यू में
धारचूला-गुंजी सड़क पर थक्ती झरने के समीप पहाड़ी गिरने से बड़ा हादसा होने से हड़कंप मचा हुआ है। हादसे में चालक सहित नौ लोगों की दबकर दर्दनाक मौत की आशंका जताई जा रही हैं। सूचना पाकर पुलिस, एसएसबी, सेना, एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू में जुट गई थी।
हादसा स्थल पर नहीं कोई नेटवर्क
लोगों के मुताबिक करीब डेढ़ बजे कैंपर वाहन यात्रियों को लेकर धारचूला लौट रहा था। उसी दौरान पहाड़ी से विशालकाय चट्टान जीप के ऊपर गिर गई। जीप नाबि गांव में होम स्टे चलाने वाले हरीश नबियाल की बताई जा रही है। लोगों के मुताबिक जिस स्थान पर ये बड़ा हादसा हुआ है वहां भारतीय संचार कंपनियों का कोई नेटवर्क काम नहीं करता है।