9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

10 दिन के भीतर बदला आदेश : अब आवारा कुत्ते नहीं गिनेंगे प्रोफेसर, कॉलेज में घुसने की देंगे सूचना

Revised Order : आवारा कुत्तों की गिनती को लेकर जारी आदेश को शासन ने संशोधित कर दिया है। नए आदेश के अनुसार अब प्रोफेसर आवारा कुत्तों को नहीं गिनेंगे। प्रोफेसर कॉलेज में आवारा कुत्ते घुसने की सूचना देंगे। आदेश संशोधित होने से प्रोफेसरों ने राहत की सांस ली है।

2 min read
Google source verification
The order issued by the government regarding the counting of stray dogs in Uttarakhand has been modified

एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक फोटो

Revised Order : आवारा कुत्तों की गिनती अब प्रोफेसर नहीं करेंगे। बता दें कि बीते 23 दिसंबर को शासन ने एक आदेश जारी किया था। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वह आवारा कुत्तों के लिए सेल्टर बनाएं। उसी आदेश के क्रम में उच्च शिक्षा निदेशालय ने बीते दिनों आदेश जारी किया था कि राज्य के सरकारी और गैर सरकारी कॉलेजों में तैनात प्रोफेसर आवारा कुत्ते गिनकर उनका डाटा तैयार करेंगे। इस अभियान के लिए कॉलेजों के प्राचार्यों और विश्व विद्यालयों के कुल सचिवों को नोडल नियुक्त किया गया था। शासन के आदेश के अनुसार, प्राचार्य को अपने संस्थान के आसपास आवारा गिनती कर उनके पुनर्वास के लिए कार्रवाई की गई है या नहीं की गई है, इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन को देनी थी। आदेश जारी होने से हंगामा मच गया था। यह अनूठा आदेश चर्चाओं का विषय भी बन गया था।

इसलिए बदला आदेश

शिक्षाविद इस आदेश को उनकी गरिमा के खिलाफ बता रहे थे। इसी को देखते हुए अब शासन ने उस आदेश को संशोधित कर दिया है। संयुक्त सचिव विक्रम सिंह रावत ने कल इसे लेकर संशोधित आदेश जारी किया। संशोधित आदेश के अनुसार संस्थानों को कैंपस को सुरक्षित रखने के उपाय करने होंगे और स्ट्रीट डॉग्स के प्रवेश या मौजूदगी की सूचना संबंधित नगर निकाय को देनी होगी। आदेश में डॉग बाइट रोकने के लिए जारी एसओपी का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि विभाग की ओर से नियुक्त नोडल अधिकारी की सूचना के आधार पर नगर निकाय कार्रवाई करेंगे।

ये अफसर रोकेंगे डॉग बाइट

शिक्षा विभाग ने कुत्तों के काटने की घटनाओं की रोकथाम के लिए जारी एसओपी के तहत सभी 13 जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पर सभी विभागों में नोडल अफसर बनाए जा रहे हैं। नोडल अफसर इसे लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति में विभागीय प्रतिनिधि के रूप में मौजूद रहेंगे। अल्मोड़ा में चंदन सिंह बिष्ट, बागेश्वर में आशा राम चौधरी, चंपावत में मेहरबान सिंह बिष्ट, चमोली में श्रीकांत पुरोहित, देहरादून में विनोद कुमार ढौंडियाल, हरिद्वार में आशुतोष भंडारी, नैनीताल में जीआर जायसवाल, पौड़ी गढ़वाल में नागेंद्र बर्त्वाल, पिथौरागढ़ में एचआर कोहली, रुद्रप्रयाग में पीएस बिष्ट, टिहरी में बीपी सिंह, उधमसिंहनगर में कुंवर सिंह रावत और उत्तरकाशी में अमित कोटियाल को नोड़ल अफसर बनाया है। ये सभी जिलों में मुख्य शिक्षा अधिकारी हैं।