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किसान आत्महत्या में कोतवाल, एसआई सस्पेंड : पूरी चौकी लाइन हाजिर, एक साल बाद दर्ज हुआ केस

Sukhwant Singh Suicide Case: किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण में एसएसपी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोतवाल और एक एसआई को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही पूरी चौकी को ही लाइन हाजिर कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने 26 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। बड़ी बात ये है कि जीवित रहते हुए किसान एक साल तक पुलिस के चक्कर काटता रहा, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब उसकी मौत के बाद केस दर्ज हुआ है।

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In the farmer suicide case in Kashipur, the station house officer and a sub-inspector have been suspended, and the entire police outpost staff has been transferred to the police lines

मृतक किसान के घर पहुंचे विधायक और अन्य लोग।

Sukhwant Singh Suicide Case: किसान आत्महत्या प्रकरण गरमाता जा रहा है। उत्तराखंड के काशीपुर के पैगा निवासी किसान सुखवंत सिंह ने शनिवार रात हल्द्वानी के गौलापार के एक होटल में फेसबुक लाइव आकर खुद को गोली से उड़ाकर आत्महत्या कर ली थी। मरने से पहले उसने सुखवंत ने आरोप लगाया था कि भूमि खरीद-फरोख्त की आड़ में उनके साथ चार करोड़ की धोखाधड़ी की गई है।सुखवंत ने फेसबुक लाइव पर आकर ये भी कहा था कि उन्होंने इस मामले में पुलिस से शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने आत्महत्या के लिए करीब 27 लोगों को जिम्मेदार ठहराते हुए खुद को गोली मारी थी। सुखवंत आत्महत्या प्रकरण पूरे राज्य में चर्चाओं में है। इस मामले में यूएस नगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने सख्त रुख अपनाते हुए कल आईटीआई कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह रौतेला और उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट को सस्पेंड किया गया है। इसके अलावा पैगा चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार, अपर उपनिरीक्षक सोमवीर सिंह, सिपाही भूपेंद्र सिंह, दिनेश तिवारी, मुख्य आरक्षी शेखर बनकोटी, सुरेश चंद्र, योगेश चौधरी, राजेंद्र गिरी, दीपक प्रसाद और संजय कुमार को लाइन हाजिर किया गया। एसपी निहारिका तोमर को मामले की जांच सौंपी गई है। एसएसपी के मुताबिक लापरवाही बरतने पर आईटीआई कोतवाली प्रभारी, एसआई को निलंबित किया है। चौकी इंचार्ज समेत पूरी पैगा चौकी को लाइन हाजिर किया है। 26 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है।

एक साल तक चक्कर काटता रहा पीड़ित

पुलिस की लापरवाही के कारण किसान को जान गंवानी पड़ी। सुखवंत को करोड़ों की जमीन धोखाधड़ी में आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस ने सालभर तक दौड़ाया। सिस्टम से मायूस होकर सुखवंत ने खुद को गोली मारकर जान दे दी। वहीं दूसरी ओर, अंकिता हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन में शामिल व्लॉगर ज्योति अधिकारी के खिलाफ विवादित बयान एवं दरांती लहराने के आरोप में पुलिस ने 48 घंटे के भीतर तीन जिलों में आठ अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर दिए। सुखवंत की मौत के बाद अब लोग पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।

26 लोगों पर मुकदमा

काशीपुर में किसान आत्महत्या प्रकरण से पुलिस की खूब किरकिरी हो रही है। किसान सुखवंत सिंह के भाई परविंदर सिंह की तहरीर पर आईटीआई कोतवाली पुलिस ने प्रापर्टी डीलरों और उनके करीबियों सहित 26 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। तहरीर में बताया कि उन्होंने और उनके भाई सुखवंत सिंह ने बलवंत सिंह उर्फ काला और कुलवंत सिंह से 6.84 एकड़ जमीन का सौदा प्रॉपर्टी डीलर अमरजीत सिंह, आशीष चौहान और कुलविंदर सिंह के माध्यम से किया था। उन्होंने जमीन के एवज में और बाद में बाजपुर रोड पर एक अन्य प्लॉट के सौदे के नाम पर कुल 3 करोड़ 82 लाख रुपये आरोपियों को दिए थे। रुपये लेने के बावजूद आरोपियों ने न तो जमीन की रजिस्ट्री की और न ही रुपये वापस किए। लगातार चक्कर काटने और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर सुखवंत सिंह ने जान दे दी।

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