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Uttarakhand : दैनिक-संविदा और तदर्थ कर्मियों को पक्का करने की तैयारी,  नियमावली में होगा संशोधन

Regularization : राज्य में सैकड़ों संविदा, दैनिक और तदर्थ कर्मियों को बड़ी राहत मिलने वाली है। सरकार इन कर्मचारियों के विनियमितिकरण की तैयारी में है। इसके लिए नियमावली में संशोधन पर विचार विमर्श शुरू हो चुका है।

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Preparations have begun for the regularization of contract, daily and ad hoc employees in Uttarakhand

पुष्कर सिंह धामी, सीएम उत्तराखंड

Regularization : राज्य में सरकार दैनिक वेतनभोगी, संविदा और तदर्थ कर्मचारियों के नियमितीकरण की बड़ी पहल पर काम करने जा रही है। शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में इस विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। इस बैठक में मंत्री सौरभ बहुगुणा भी मौजूद रहे। दोनों ही मंत्रियों ने कर्मचारियों के हितों की रक्षा के साथ न्यायसंगत समाधान देने पर जोर दिया। बैठक में नियमितीकरण की प्रक्रिया को सरल और व्यावहारिक बनाने के लिए नियमों में आवश्यक बदलावों पर मंथन किया गया। मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के प्रति संवेदनशील है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार के इस कदम से बड़ी संख्या में दैनिक, संविदा और तदर्थ कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद की जा रही है। सरकार की इस पहल से सैकड़ों कर्मचारियों में उम्मीद की बड़ी किरण जाग गई है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही सरकार विनयमितिकरण की कार्यवाही शुरू कर देगी।

ये कर्मचारी आ सकते हैं दायरे में

उत्तराखंड में संविदा, दैनिक और तदर्थ कर्मियों के नियमितिकरण के प्रस्ताव को पिछले साल दिसंबर में सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई थी। उसके बाद इसकी कट ऑफ डेट भी जारी हो गई थी। बताया जा रहा है कि सरकार चार दिसंबर, 2018 तक विभिन्न विभागों में नियमित सेवा देने वाले दैनिक वेतन, कार्यप्रभारित, संविदा, नियत वेतन तथा तदर्थ रूप से नियुक्ति कार्मिक विनियमित करने की दिशा में काम कर रही है। सरकार ने पिछले साल ही दैनिक वेतन, कार्यप्रभारित, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक तथा तदर्थ रूप से नियमित कार्मिकों की विनियमितीकरण नियमावली जारी कर दी थी। साथ ही एक उच्च स्तरीय समिति भी गठित कर दी थी। समिति विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर रही है।