
ऋषिकेश हिंसा के मामले में पुलिस ने 1058 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है
Rishikesh Violence:रेलवे फाटक के पास रविवार को हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ये घटना ऋषिकेश में मनसा देवी फाटक के पास रविवार को हुई थी। वन भूमि के सर्वे के लिए पहुची पुलिस प्रशासन की टीम पर हजारों की भीड़ ने पत्थराव कर दिया था। लोगों ने हाईवे भी जाम कर दिया था और रेलवे ट्रेक भी बाधित कर दिया था। पथराव और हिंसा से मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी। इस मामले में पुलिस ने 1058 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। सीताराम रणाकोटी और लालमणि रतूड़ी पर साजिशकर्ता बनाया गया है। इनके अलावा पुलिस ने 16 अन्य लोगों को भी पथराव का मुख्य आरोपी बनाया है। हिंसा के मामले में पुलिस ने 618 लोगों पर बीएनएस की 10 धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने सीताराम और लालमणि के अलावा छह अन्य को भी नामजद किया है।दो लोगों को पुलिस ने मौके से ही हिरासत में ले लिया था। इधर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अध्यक्ष गणेश गोदियाल सोमवार को बापूग्राम क्षेत्र पहुंचे। उन्होंने यहां स्थानीय लोगों से मुलाकात की। सभा कर उन्हें कांग्रेस के हरवक्त साथ होने का भरोसा दिया। कहा कि सरकार लोगों की मदद की बजाय उन्हें डराने का काम कर रही है। इसे अत्याचार बताते हुए उन्होंने निर्दोष लोगों को जेल भेजने का भी आरोप लगाया।
ऋषिकेश 28 दिसंबर को श्यामपुर में वनभूमि से अतिक्रमण हटाने गई सरकारी टीम का कार्रवाई का विरोध हुआ था। आक्रोशित लोगों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर समझाया गया। इस पर भीड़ आक्रोशित हो उठी। भीड़ की अगुवाई कर रहे सीताराम रणाकोटी, लालमणि रतूड़ी, योगेश डिमरी, विकास सेमवाल, जहांगीर आलम, गंगा प्रसाद सिमल्टी, पूजा पोखरियाल, राजेंद्र गैरोला और दस अज्ञात महिला-पुरुषों ने लगातार भीड़ को उकसाया। इस पर भीड़ हिंसा पर उतर आई थी। भीड़ ने टीम पर जमकर पथराव किया। हाईवे और रेलवे ट्रैक भी जाम कर दिया था। इससे क्षेत्र की शांति और कानून व्यवस्था लड़खड़ा गई थी।
ऋषिकेश हिंसा के मामले मेंप्रशासन, पुलिस, आरपीएफ, जीआरपी और वन विभाग के कर्मचारियों पर पत्थरबाजी को लेकर ऋषिकेश पुलिस ने आरोपियों के वीडियो और फोटो जारी कर दिए हैं। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से पुलिस फोटो और वीडियो को प्रसारित कर रही है। एसएसपी अजय सिंह के मुताबिक, जारी वीडियो और फोटो में हाथ में पत्थर लिए लोग कहीं भी दिखें, तो वह इसकी सूचना ऋषिकेश कोतवाली में दें।
Published on:
30 Dec 2025 09:31 am
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