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मूल रूप से सिली तल्ली पौढ़ी निवासी दिलीप सिंह रावत पुत्र कृपाल सिंह रावत वर्तमान निवासी कीर्तिनगर गुरुग्राम हरियाणा, मोहन रावत पुत्र गुमान सिंह रावत वर्तमान निवासी लक्ष्मण विहार गुरुग्राम हरियाणा और विक्रम सिंह पुत्र स्व. विरेंद्र सिंह निवासी सावित्रीनगर दिल्ली सोमवार को थार वाहन में सवार होकर उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के सल्ट क्षेत्र में घूमने आए थे। मरचूला झूला पुल के पास उन्होंने बड़ा जोखिम लेकर कार से रामगंगा को पार करने की कोशिश की। इसी दौरान कार रामगंगा के तेज बहाव में आकर बह गई।इससे कार सवार लोगों में चीख पुकार मच गई।
बड़े पत्थर से टकराकर रुकी कार
रामगंगा नदी का बहाव इतना तेज था कि चालक ने कार से संतुलन खो दिया। देखते ही देखते कार तेज बहाव में बहने लगी। इसी दौरान उनकी कार बीच नदी पर स्थित एक विशालकाय पत्थर से टकराकर रुक गई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
कार के शीशे तोड़ निकाले पर्यटक
राजस्व उपनिरीक्षक सुभाष साह गोतखोर अंकित रावत, अजय रावत और मुकेश भदौला के साथ मौके पर पहुंच गए। इस दौरान एक घंटे तक युवकों की जान हलक में अटकी रही। गोताखोरों ने बमुश्किल कार का शीशा तोड़कर भीतर फंसे लोगों को बाहर निकाला।
एक घंटे तक फंसे रहे कार में
रामगंगा के तेज बहाव में उनकी कार करीब 3 घटे तक फंसी रही। इस बीच तीनों युवक 01 घटे कार के अंदर ही फंसे रहे। कुछ देर बाद हादसे की सूचना राजस्व विभाग को लग गई।करीब दो घंटे कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को नदी से बाहर निकाला गया। यानी तीन घंटे तक उनकी जान आफत में पड़ी रही।
Published on:
03 Oct 2023 10:17 am
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