
बेरोकटोक करें उत्तराखंड के पहाड़ों की सैर, आने से पहले कोरोना टेस्ट कराना जरूरी नहीं, पढ़ें पूरे नियम
देहरादून: Coronavirus ने इंसार के जीने का ढंग बदल दिया है। अब कहीं जाने से पहले भी मन में पॉजिटिव या नेगेटिव होने का विचार आ जाता है। पर्यटन नगरी उत्तराखंड में भी सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए राज्य में बाहरी व्यक्ति के प्रवेश करने से पहले कोविड—19 नेगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य कर दिया था। इसी के साथ प्रदेश में रहने के लिए भी कई शर्तें लागू की थी। पर्यटन व्यवसाय को राहत देने के लिए सरकार ने अब बाध्यताओं को खत्म कर दिया है। बहरहाल कोविड—19 से निपटने के लिए गाइडलाइन की पालना करना अभी भी अनिवार्य है।
बीते दिनों उत्तरखंड सरकार ने प्रदेश में आने वाले लोगों के लिए बार्डर पर कोरोना की 96 घंटे के भीतर की आरटी-पीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट दिखाने की शर्त लागू की थी। इसी के साथ पर्यटकों को होटल या होमस्टे में न्यूनतम दो दिन रहने की भी अनिवार्यता थी। अब प्रदेश में आने वाले लोगों को कोरोना की रिपोर्ट दिखाने की शर्त खत्म कर दी गई है। इसी के साथ होटल में भी वह अपने हिसाब से रूक सकते हैं। बुद्धवार से यह फैसला लागू हो गया है। इससे राज्य में पर्यटन गतिविधियां बढ़ने के आसार है। उत्तराखंड में लोगों की आजीविका पर्यटन पर ही निर्भर है। ऐसे में पर्यटन गतिविधियों का सुचारू होना बेहद जरूरी है।
अभी भी प्रदेश में आने से पहले स्मार्ट सिटी वेब पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इसी के साथ होटल, रेस्टोरेंट व सावर्जनिक स्थानों पर थर्मल स्कैनिंग, सैनिटाइज करना और मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करना जरूरी है। होटलों को निर्देश जारी किया गया है कि किसी भी व्यक्ति के कोरोना से संक्रमित होने पर प्रशासन को सूचना देनी होगी।
Published on:
24 Sept 2020 10:21 pm
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