
देवरियाके बिजेंद्र सिंह NIA (एनआईए) के हत्थे चढ़ गए हैं। बिजेंद्र सिंह पर आरोप है कि वह चीनी एजेंटों के लिए काम करता था। उसका काम भारतीय युवाओं को गोल्डन ट्रायंगल क्षेत्र, जैसे कि म्यांमार, थाईलैंड और लाओस, के सीमावर्ती इलाकों में भेजकर चीनी एजेंटों के जाल में फंसाना था। एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) की जानकारी और पुलिस की जांच से यह खुलासा हुआ है। बिजेंद्र सिंह का पता पुष्टि हो जाने के बाद, देवरिया जिले की पुलिस अब उसके पते की जांच कर रही है।
एनआईए की लखनऊ शाखा की एसपी ने गोरखपुर के एसएसपी को पत्र लिखकर बताया कि लाओस में कम्प्यूटर ऑपरेटर की नौकरी करने गए कुंदन सिंह, गुड्डू सोनी और राज बिश्वास चीनी एजेंटों के चंगुल में फंस गए थे। इन्हें बंधक बनाकर साइबर अपराध कराए गए। किसी तरह जब ये लोग देश वापस आए, तो पता चला कि बिजेंद्र सिंह ने इन्हें लाओस भेजा था।
बिजेंद्र सिंह की चीनी एजेंटों से जान- पहचान थी। बिजेंद्र के पासपोर्ट और मोबाइल फोन नंबर से उसकी पहचान पुष्टि हो गई। अब इस जानकारी के आधार पर देवरिया पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
Updated on:
07 Sept 2024 05:24 pm
Published on:
07 Sept 2024 04:24 pm
बड़ी खबरें
View Allदेवरिया
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
