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देवरिया कांड: 17 साल पहले भी वर्चस्व की लड़ाई में दहला था रुद्रपुर, एक बार फिर यादें हुईं ताजा

देवरिया के रुद्रपुर का एक गांव फतेहपुर जहां 17 साल पहले वर्चस्व की लड़ाई में खूनी संघर्ष हुआ था। आइये जानते हैं क्या था मामला-

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Deoria murder case Rudrapur was shaken 17 year ago for supremacy fight

सोमवार को लेहड़ा टोले में हुआ गोलीकांड रोगंटे खड़े कर देने वाला था। बदले की भावना ऐसी कि एक पक्ष के एक शख्स की हत्या के बाद आक्रोश में मृतक के परिवार के लोगों ने आरोपी परिवार के पांच लोगों की एक के बाद एक हत्याएं कर डाली।

आठ लोगों के परिवार में दो बचे
सोमवार सुबह हुए इस गोलीकांड में एक ही परिवार के पांच लोग मारे गए हैं। आठ लोगों के परिवार में सिर्फ 2 जानें ही बच पाई हैं। एक बेटा गंभीर रूप से घायल है तो दूसरा घर में ना होने की वजह से बच गया।

आपको बता दें की तहसील रुद्रपुर में हुआ ये नरसंहार नया नहीं है। 17 साल पहले हुए एक गोलीकाण्ड ने पूरे इलाके को सहमा दिया था। विवाद तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख से शिलापट पर नाम न खुदवाने को लेकर कहासुनी को लेकर था। विवाद इतना बढ़ा की दोनों पक्षों से गोलियां चलने लगीं। सरेआम हुए इस गोलीकाण्ड में 2 लोगों की जानें चली गई थीं।

ये हुआ था विवाद
17 साल पहले ग्राम प्रधान मदन ने तत्कालीन विधायक को लोकार्पण के लिए आमंत्रित किया था। लोकार्पण के बाद कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख से शिलापट पर नाम ना होने को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा की दोनों पक्षों से गोलियां चलने लगीं।

पहले गुट प्रमुख के साले-टड़वा गांव के रहने वाले मांधाता सिंह और दूसरे गुट ग्राम प्रधान के पुत्र रामप्रवेश निषाद गोलीबारी का शिकार हुए। दोनों ने घटना स्थल पर ही दम तोड़ दिया। 17 साल बाद सोमवार को हुई इस घटना ने पुराने हत्याकांड को ताजा कर दिया।

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