सत्य प्रकाश दूबे समेत 5 परिजनों की नरसंहार के बाद परिवार में दो बेटे ,एक विवाहित बेटी ही बचे हैं। इस नरसंहार में घायल बचे मासूम अनमोल का इलाज BRD मेडिकल कालेज में चल रहा है
Deoria : जिले की रुद्रपुर कोतवाली के फतेहपुर गांव में 2 अक्टूबर को हुए सत्य प्रकाश दूबे समेत 5 परिजनों की नरसंहार के बाद परिवार में दो बेटे ,एक विवाहित बेटी ही बचे हैं। इस नरसंहार में घायल बचे मासूम अनमोल का इलाज BRD मेडिकल कालेज में चल रहा है , वह भी धीरे धीरे स्वस्थ हो रहा है, अनमोल को अभी यह नही मालूम है की अब उसे मां,बाप, भाई बहनों का प्यार कभी नहीं मिलेगा, वह इन सब से अनजान होकर घर जाने की जिद कर रहा है।
मरघट पड़े घर से परिवार की निकलती चीखें ही महसूस होती
सत्यप्रकाश दुबे के बड़े पुत्र देवेश बृहस्पतिवार को पैतृक गांव फतेहपुर के लेड़हा टोला पर पहुंचे। इसके बाद घर से बगीचे में पहुंचे, जहां पर उन्होंने एकादशा का कर्मकांड संपन्न कराया। घर के पास ही कुछ दूरी पर एकादशा के लिए तैयारी की गई थी। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच देवेश अपने रिश्तेदार व अन्य के साथ पहुंचे थे। यहां पर कर्मकांडी पंडितों ने कार्यक्रम कराया। मरघट पड़े घर को देख देवेश को बार बार अघात लग रहा था। उसे सिर्फ मां, बाप, भाई बहनों की चीख ही वहां से निकलती महसूस हो रही थी। बार बार उसकी नजर मुख्य दरवाजे पर टिक जा रही थी, की कही उसकी मां बुला रही है।इसी बीच उनकी नजर अपने ट्रैक्टर और उजड़े हुए घर की तरफ पड़ी तो देवेश अपने आपको रोक नहीं पाए। रोते हुए बोले मेरा तो सब कुछ खत्म हो गया।
दो अक्टूबर को दबंग प्रेम के गुर्गों ने किया था नरसंहार
बता दें कि देवरिया जिले में रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर गांव में 2 अक्तूबर को सुबह छह बजे जमीन के विवाद में एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई। इससे गुस्साएं पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पक्ष के लोग दूसरे पक्ष के घर में घुसकर पति, पत्नी और उसकी तीन संतानों को गोली मारकर और धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या कर दी, जबकि एक बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया।