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कर्ज के बोझ में डूबी JP Associates के हाथ बड़ी सफलता, जम्मू-कश्मीर में मिला 2850 कराेड़ रुपये का प्रोजेक्ट

जेपी ने चेनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स 2850 करोड़ रुपये की डील हासिक कर ली है। इस डील के तहत जेपी एसोसिएट्स जम्मू-कश्मीर में डाइवर्जन टनल आैर हाइड्रो इलेक्ट्रीसिटी के लिए कंक्रीट फेस डैम का निर्माण करेगी।

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Jaypee Associates

कर्ज के बोझ में डूबी JP Associates एसोसिएट्स के हाथ बड़ी सफलता, जम्मू-कश्मीर में मिला 2850 कराेड़ रुपये का प्रोजेक्ट

नर्इ दिल्ली। दिवालिया होने की कगार पर खड़ी जय्रप्रकाश ग्रुप की कंपनी जेपी एसोसिएट्स लिमिटेड को जम्मू-कश्मीर में एक बड़ी सफलता मिली है। जेपी ने चेनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स 2850 करोड़ रुपये की डील हासिक कर ली है। इस डील के तहत जेपी एसोसिएट्स जम्मू-कश्मीर में डाइवर्जन टनल आैर हाइड्रो इलेक्ट्रीसिटी के लिए कंक्रीट फेस डैम का निर्माण करेगी। इसे प्रोजेक्ट से करीब 1000 मेगावाॅट बिजली उत्पादन करने की योजना है।


कंपनी के बिजनेस में हुअा बड़ा इजाफा

इस कंट्रैक्ट के तहत जेपी एसोसिएट पकल डूल हाइड्रोइलेकट्रीसिटी प्रोजेक्ट के लिए डाइवर्जन टनल, कंक्रीट फेस राॅकफिल डैम, सर्फेस व टनल स्पिलवे, इनटेक इंफ्रास्ट्रक्चर, हेड रेस टनल का निर्माण करेगी। इस डील के साथ ही जेपी एसोसिएट का ने र्इपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट आैर कंस्ट्रक्शन) द्वारा बुक किए गए बिजनेस 14000 करोड़ रुपये हो गया है। जो कि एक साल पहले 5500 करोड़ रुपये का ही था। आपको बता दें कि चेनाब वैली प्रोजेक्ट NHPC लिमिटेड, JKSDPC लिमिटेड अौर PTC इंडिया लिमिटेड की ज्वाइंट वेंचर कंपनी है।


जम्मू-कश्मीर को 12 फीसदी की रियायत पर मिलेगी बिजली

मर्इ माह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पकल डूल हाइड्रोइलेक्ट्रिसीटी की नींव रखी थी। प्रस्तावित पावर प्रोजेक्ट मरूसादर नदी, चेनाब नदी की ट्रीब्यूटरी नदी पर बनेगी। इस प्रोजेक्टा को 66 माह में पूरा किया जाएगा जो कि जम्मू कश्मीर को 12 फीसदी रियायत पर बिजली देगा। इससे पहले भी जेपी एसोसिएट ने राज्य में सलाल, दुलहस्टी आैर बालीगढ़ हाइड्रोइलेक्ट्रिसिटी प्रोजेक्ट के कंस्ट्रक्शन में भागीदार रही है। कर्ज के बोझ में डूबी कंपनी अपने एसेट्स बेचने के अलावा नकदी प्रवाह को बढ़ावा देने के लिए र्इपीसी व्यापार पर ज्यादा फोकस कर रही है।


कर्ज कम करने की जुगत में लगी है कंपनी

पिछले कुछ दिनों में कंपनी अपने सीमेंट आैर पावर के कर्इ प्राॅपर्टी को बेच चुकी है। इससे चार साल पहले कंपनी पर जो कर्ज का बोझ 61,101 करोड़ रुपये था वो अब कम होकर 26,401 करोड़ रुपये हो गया है। यही नहीं कंपनी अपने कर्ज को आैर कम करने के लिए बचे हुए सीमेंट बिजनेस को बेचने का भी प्लान बना रही है। अापको बता दें कि समय पर रियल एस्टेट प्रोजेक्ट पूरा न करने के बाद कंपनी पर मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।