1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गोवा राज्य में रियल एस्टेट की धूम

रियल एस्टेट एक राज्य में अपने इतिहास को दोहरा रहा है। हालांकि देश के बाकी...

2 min read
Google source verification

image

Subhesh Sharma

Dec 31, 2014

पणजी। रियल एस्टेट एक राज्य में अपने इतिहास को दोहरा रहा है। हालांकि देश के बाकी
हिस्सों में आर्थिक मंदी का दौर चल रहा हैं, लेकिन गोवा का प्रॉपर्टी मार्केट एक
बार फिर से इस ठहराव से बच गया है।

क्या है कारण
रियल एस्टेट सेक्टर का बिजनेस भी धीमा हो
गया हैं क्योंकि दरों में लगातार गिरावट हो रही और कीमतें आसमान छू रही है।
इंडस्ट्री सूत्रों के अनुसार, यहीं कारण है कि कई प्रॉपर्टीज को मार्केट रेट से
नीचे बेचा जा रहा है। इस स्थित को देखते हुए कई बिल्डर अपने तैयार फ्लैटों को बेचना
चाहते हैं लेकिन खरीददार इसके लिए तैयार नहीं। लगातार मंदी के चलते खरीददार शहरों
में 40,000 से 65,000 प्रति वर्ग मीटर की दर से भुगतान करने के लिए तैयार
नहीं।

कम कीमत पर नहीं बेच सकते

अद्वैपालकर कंस्ट्रक्सन और रिसोट्स के निदेशक महेश अद्वैपालकर ने
बताया कि बिल्डर अपनी बिक्री बढ़ाने के लिए इस सुस्त मार्केट में प्रॉपर्टी लागत से
कम कीमत पर नहीं बेच सकते। एक उदहारण के तौर पर भूमि की लागत 25,000 प्रति वर्ग
मीटर और निर्माण क्षेत्र की लागत 20,000 प्रति वर्ग मीटर है, उन्होंने कहां कि इस
लागत को जोड़े तो यह 45,000 प्रति वर्ग मीटर को पार कर लेता है।

बायर्स
प्रॉपर्टी से दूर भागते है। बिल्डर अपनी कीमतों को कम करने के लिए तैयार नहीं।
रॉडिक्स ने कहा, अगर यहां बिल्डर प्रॉपर्टी में निवेश करना चाहता है तो उसे
प्रॉपर्टी की बिक्री करनी होगी।

कीमत कम

क्रेडाई अध्यक्ष जगनाथ देश प्रभूदेसाई ने
आरोप लगाया कि भूमि खनन पर प्रतिबंध से भूमि की कीमतों में वृद्धि हुई है। जो पिछले
साल जून में 800 प्रति क्यूबिक मीटर थी और अक्टूबर में 2,500 प्रति क्यूबिक मीटर और
इसके बाद कीमतों मं कुछ ढिल आई जो 1,200 से 1,500 प्रति क्यूबिक मीटर है अगर जून
2013 से तुलना की जाए तो कीमत कम है, लेकिन अभी भी बहुत अधिक है।

रियल
एस्टेट डेवलपर्स को उम्मीद है कि गोवा में स्थिति यथावत रहेगी अगर निर्माण के लिए
भूमि आसानी से उपलब्ध होती रही।

ये भी पढ़ें

image