
बांगर से शिप्रा तक बन रहा 15 किमी मार्ग, कई जगह स्थापित होंगे उद्योग
देवास. एबी रोड और उज्जैन रोड के बीच सीधी कनेक्टिविटी के लिए इन दिनों उज्जैन रोड बांगर से लेकर एबी रोड शिप्रा तक सड़क निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। लगभग 15 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर करीब आधा दर्जन जगहों पर बड़े स्तर पर पुल-पुलिया का काम चल रहा है। वही बीच-बीच में कई किलोमीटर सड़क का निर्माण भी हो चुका है। इसी मार्ग के दोनों ओर कई क्षेत्रों में उद्योग लगाने की भी प्लानिंग है। इसको लेकर पिछले दिनों कुछ जगह सर्वे भी किया जा चुका है। उद्योग लगाने के लिए करीब 600 मीटर से अधिक जमीन कुछ जगह चिन्हित की गई है जिसे भविष्य में करीब 300 मीटर तक और बढ़ाने की तैयारी है।
इस मार्ग का निर्माण अगले कुछ सालों में क्षेत्र में लगने वाले उद्योगों से माल लाने-ले जाने के लिए सीधी कनेक्टिविटी एबी रोड से होने के साथ ही रतलाम क्षेत्र से निकले दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस से कनेक्टिविटी बढ़ाना भी है। बांगर-शिप्रा निर्माणाधीन मार्ग पर शिप्रा के समीप शिप्रा डैम से लगी जगह पर रेलवे ओवरब्रिज का भी निर्माण किया जाएगा। इसके लिए पिछले दिनों एनएचएआई, रेलवे अधिकारियों और निर्माण करने वाली कंपनी के अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया है। इस मार्ग पर बांगर, बैरागढ़, अचलूखेड़ी, रूपाखेड़ी, पुआड़ला, लोहारी, हवनखेड़ी, मरेठी, बारोड़पीपल्या, अलीपुर टुंगनी, लोहारपीपल्या आदि गांवों की जमीन लगी हुई है। इनमें से रूपाखेड़ी, हवनखेड़ी, लोहारपीपल्या क्षेत्र के अलावा कई अन्य जगह कुछ माह पहले उद्योग की संभावनाओं को देखते हुए सर्वे किया गया था।
रूपाखेड़ी गांव के बाबूलाल बागवान, छगनलाल मरेठी ने बताया उनके गांव के पास से निकले इस मार्ग पर क्रॉस करने वाले देवास-देवर वाले रास्ते पर अंडरब्रिज का बड़ा ब्लॉक बनाने का काम हो गया है पिछले दिनों गांव के आसपास उद्योग लगाने के लिए सर्वे किया गया था जिसमें करीब पौन से लेकर 1 किलोमीटर तक होशियारी व चंदाना की ओर जमीन देखी गई है। बांगर-शिप्रा मार्ग के आसपास से लगे कई गांवों में जमीन का सर्वे किया गया है जहां पर भविष्य में उद्योग मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के माध्यम से लगने की संभावना जताई जा रही है। किसानों के अनुसार मार्ग निर्माण के लिए जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई थी उन्हें करीब 12 से 14 लाख रुपए प्रति बीघा के हिसाब से मुआवजा मिला था।
वर्जन
बांगर से लेकर शिप्रा तक एनएचएआई द्वारा काम करवाया जा रहा है। इसके आसपास उद्योगों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। हो सकता है एमपीआईडीसी द्वारा कुछ प्रक्रिया की जा रही हो। जहां तक उद्योगों में स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की बात है तो शासन स्तर से हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
-प्रदीप सोनी, एसडीएम देवास।
देवास-इंदौर रेलवे ट्रैक पर बिंजाना-बरलाई के बीच रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए सर्वे कार्य पूर्ण हो चुका है। आगामी दिनों में काम शुरू हो सकता है।
-एएच सिद्दीकी, सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेलवे।
स्थानीय युवाओं को दी जाए रोजगार में प्राथमिकता
ग्राम अचलूखेड़ी के निवासी अनिल राठौर ने बताया भविष्य में इस क्षेत्र के कई गांव के अलावा देवास के आसपास अमोना, बिंंजाना, पालनगर, बालगढ़, नागदा क्षेत्र में भी उद्योग लगने की संभावनाएं हैं। यहां स्थापित होने वाले उद्योगों में स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता दी जाना चाहिए। पूर्व में भी देवास के साथ इस मामले में भेदभाव होता आया है। कई नई कंपनियां पिछले कुछ साल में स्थापित हुई हैं लेकिन यहां अधिकांश बाहरी लोगों को ही भर्ती किया गया है। ऐसे में स्थानीय लोगों को अपेक्षाकृत रोजगार नहीं मिल पा रहा है।
इंदौर-उज्जैन जाने वालों का बचेगा 15 किमी का चक्कर
इस मार्ग के बन जाने से इंदौर की ओर से आकर उज्जैन जाने वालों को देवास नहीं आना होगा। वहीं उज्जैन की ओर से आकर इंदौर की जाने वालों को भी देवास नहीं आना पड़ेगा। लोग सीधे इस बायपास से निकलेंगे जिससे करीब 15 किमी का चक्कर बचेगा।
Updated on:
13 Apr 2022 03:26 pm
Published on:
13 Apr 2022 03:21 pm
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